Sheohar News: शिवहर. शिवहर जिले के सरोजा सीताराम सदर अस्पताल में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर अविनाश कुमार सिंह पर प्रमाण-पत्र निर्गत करने के एवज में रुपये मांगने का आरोप लगा है. इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, प्रभात खबर शिवहर वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.
प्रमाण-पत्र के एवज में रुपये मांगने का आरोप
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रमाण-पत्र जारी करने के बदले रुपये मांग रहा था. वीडियो में एक तीमारदार और ऑपरेटर के बीच बातचीत होती दिख रही है.
वीडियो में रकम कम होने की बात कही जाने के बाद संबंधित व्यक्ति की ओर से जेब या पर्स से दोबारा रुपये निकालकर ऑपरेटर को देने जैसा दृश्य दिखाई देता है. हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया. अस्पताल से जुड़े इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की जांच शुरू कर दी है. विभागीय जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की मामले की छानबीन
स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी के अनुसार, मामले की छानबीन की जा रही है. वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच के साथ संबंधित लोगों से जानकारी ली जा रही है.
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविकता क्या है और क्या प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में किसी तरह की राशि मांगी गयी थी.
डीएम और सिविल सर्जन ने मांगा स्पष्टीकरण
मामले को लेकर जिलाधिकारी और सिविल सर्जन की ओर से अस्पताल प्रबंधक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है. संबंधित अधिकारियों और कर्मचारी से मामले के संबंध में जवाब मांगा गया है.
स्पष्टीकरण और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
वायरल वीडियो के संबंध में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इसकी सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. वीडियो में दिख रहे व्यक्ति और घटना की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा.
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटायी जा रही है.
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन और डाटा एंट्री ऑपरेटर से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद अब जांच रिपोर्ट पर नजर है. यदि जांच में लगाए गये आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.
फिलहाल विभाग ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.
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