ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो क्या करें? शिवहर पुलिस ने बताए जरूरी कदम और 1930 हेल्पलाइन की अहमियत

ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर शिवहर पुलिस ने बैंकों के साथ एक विशेष बैठक की. बैठक में साइबर अपराधों को रोकने और लोगों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के उपायों पर चर्चा हुई. 1930 हेल्पलाइन नंबर की अहमियत पर विशेष जोर दिया गया.

Sheohar News: जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय के संवाद कक्ष में साइबर सुरक्षा पर विशेष बैठक सह कार्यशाला आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) सुश्री ईशानी सिन्हा ने की, जिसमें जिले के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक शामिल हुए.

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस और बैंकिंग व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर साइबर ठगी के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था.

ठगी के शुरुआती घंटे सबसे महत्वपूर्ण

डीएसपी (साइबर) ईशानी सिन्हा ने कहा कि साइबर अपराधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस और बैंकों को एक टीम की तरह काम करना होगा.

उन्होंने कहा कि यदि ऑनलाइन ठगी के शुरुआती कुछ घंटों के भीतर बैंक संदिग्ध खातों को ब्लॉक या फ्रीज कर दें, तो पीड़ित की रकम वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

1930 हेल्पलाइन और एनसीआरपी पोर्टल की दी जानकारी

कार्यशाला में बैंक प्रबंधकों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की कार्यप्रणाली और उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

साथ ही बताया गया कि 1930 साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों पर बैंक तत्काल कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी से जुड़े खातों में राशि को होल्ड या फ्रीज करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके.

जांच में सहयोग करने के निर्देश

डीएसपी ने बैंक अधिकारियों से साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस को समय पर ट्रांजैक्शन डिटेल्स और संदिग्ध खातों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा, ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके.

उन्होंने बैंक प्रबंधकों से अपने ग्राहकों को फर्जी कॉल, अनजान लिंक, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने के लिए लगातार जागरूक करने की भी अपील की.

ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

शिवहर पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके.


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Author: Manish kumar sing

Published by: Aaruni Thakur

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