डीएम का बड़ा फैसला, हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं... नशीली दवाओं की बिक्री पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश

अब सरकारी कर्मियों को मासिक वेतन के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी. डीएम प्रतिभा रानी ने नई कार्यप्रणाली लागू की है. साथ ही, जिले में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

Sheohar News: जिलाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए. डीएम ने स्पष्ट किया कि अब सरकारी कर्मियों का मासिक वेतन बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही जारी होगा. इसके साथ ही जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए.

डीएम ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग के सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए. आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी.

बायोमेट्रिक हाजिरी के बिना नहीं मिलेगा वेतन

बैठक में डीएम ने सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया कि प्रत्येक सरकारी कर्मी को कार्यालय आते समय 'इन' और जाते समय 'आउट' बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी.

जिन कर्मचारियों ने अभी तक बायोमेट्रिक पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तत्काल पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया. सभी कार्यालयों को प्रत्येक शनिवार बायोमेट्रिक डेटा सिंक करने को भी कहा गया है.

फील्ड में जाने से पहले कार्यालय में होगी हाजिरी

डीएम ने निर्देश दिया कि प्रखंड और अंचल स्तर के क्षेत्रीय कर्मी अब सीधे फील्ड में नहीं जाएंगे.

उन्हें किसी भी पंचायत या क्षेत्र में जाने से पहले अपने मूल कार्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी.

नशीली दवाओं की बिक्री पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में डीएम ने जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए.

उन्होंने जिला औषधि निरीक्षक को सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित और औचक जांच करने को कहा. यदि कोई दुकानदार बिना डॉक्टर के पर्चे के प्रतिबंधित या नशीली दवाएं बेचता मिला तो उसका लाइसेंस रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

संवेदनशील इलाकों में होगी छापेमारी

पुलिस और मद्यनिषेध विभाग को सूचना तंत्र मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर नियमित छापेमारी करने का निर्देश दिया गया है.

साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने और शिक्षण संस्थानों के 50 मीटर के दायरे को 'नशा मुक्त क्षेत्र' बनाने के लिए वहां लगी गुमटियों और दुकानों को हटाने के निर्देश दिए गए.

एनडीपीएस मामलों की होगी विशेष निगरानी

डीएम ने एनडीपीएस एक्ट के मामलों में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने, मादक पदार्थों के नेटवर्क से जुड़े कार्टेल की वित्तीय जांच करने तथा डार्कनेट, क्रिप्टो और सोशल मीडिया के माध्यम से संचालित अवैध नेटवर्क पर निगरानी के लिए विशेष सेल गठित करने का भी निर्देश दिया.


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Author: Manish kumar sing

Published by: Aaruni Thakur

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