शिवहर: जिले में चल रहे विभिन्न विकासात्मक और बुनियादी ढांचागत निर्माण कार्यों को गति देने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने की. इस दौरान जिले में क्रियान्वित की जा रही कुल 11 प्रमुख विकासात्मक, आधारभूत और तकनीकी परियोजनाओं की अद्यतन भौतिक व वित्तीय प्रगति का बिंदुवार जायजा लिया गया तथा संबंधित कार्यकारी एजेंसियों व पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए.
गुणवत्ता में लापरवाही और लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं: डीएम
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या निर्माण की गुणवत्ता में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य प्राक्कलन (एस्टीमेट) और तकनीकी मानकों के अनुसार ही पूरे होने चाहिए. जनहित से जुड़ी इन योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यही प्रशासन का मुख्य ध्येय है.
11 कार्य प्रमंडलों के कार्यों का हुआ विस्तृत मूल्यांकन
बैठक में डीएम ने जिले के 11 प्रमुख विभागों एवं कार्य प्रमंडलों के कार्यों का मूल्यांकन किया. समीक्षा के दायरे में शामिल विभाग:
- पथ प्रमंडल
- ग्रामीण कार्य प्रमंडल
- सीतामढ़ी राष्ट्रीय उच्च पथ-1 (NH-1)
- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल (PHED)
- विद्युत आपूर्ति प्रमंडल
- भवन प्रमंडल
- लघु सिंचाई प्रमंडल
- स्वास्थ्य विभाग
- बागमती प्रमंडल
- बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (BUDCO)
- स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO)
कार्यपालक अभियंताओं से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण में आ रही अड़चनों और समय-सीमा को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई.
आपसी समन्वय से लंबित कार्यों को शीघ्र निपटाने का निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी तकनीकी पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं में अंतर-विभागीय अनापत्ति या समन्वय के अभाव में काम प्रभावित होता है, जिसे तत्काल दूर किया जाए. डीएम ने निर्माण स्थलों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया ताकि जिले के आधारभूत विकास को नई गति मिल सके.
