Sheohar News: शिवहर में जिला औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) की कार्यशैली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा जिला महामंत्री सह जिला बीससूत्री सदस्य विनय कुमार सिंह ने ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे महीनों से नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं और अधिकांश समय उनके कार्यालय में ताला लटका रहता है. इस मामले को लेकर उन्होंने बिहार सरकार की समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता को आवेदन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
कार्यालय बंद रहने का लगाया आरोप
विनय कुमार सिंह का कहना है कि आम लोगों और दवा व्यवसायियों से लगातार शिकायत मिलने के बाद वह कई बार जिला औषधि निरीक्षक के कार्यालय पहुंचे, लेकिन हर बार कार्यालय बंद मिला. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
दवा व्यवसायियों को हो रही परेशानी
आवेदन में दावा किया गया है कि ड्रग इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति के कारण दवा दुकानदारों के लाइसेंस से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं. इससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आरोप है कि लाइसेंस संबंधी कई फाइलें सप्ताहों पहले एडीसी कार्यालय से भेजी गई थीं, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई या रिपोर्ट नहीं दी गई है.
मंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग
भाजपा नेता ने समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जांच समिति गठित करने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है. उनका कहना है कि संबंधित पदाधिकारी की कथित लापरवाही का खामियाजा जिले के दवा व्यवसायियों और आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में जिला औषधि निरीक्षक या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
