Sheohar News: बेलवा-देवापुर सड़क निर्माण को लेकर पिछले पांच दिनों से जारी आमरण अनशन शुक्रवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया. जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुणाल और एसडीपीओ अनुशील कुमार अनशन स्थल पहुंचे तथा ग्रामीणों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया.
अधिकारियों ने सड़क के पुराने अलाइनमेंट से जुड़े मुद्दे की समीक्षा कराने की बात कही. इसके बाद अनशनकारी रंजन चौधरी को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया गया.
अलाइनमेंट में बदलाव को लेकर था विरोध
जानकारी के अनुसार, बेलवा गांव में स्टेट हाईवे-54 के मिसिंग रोड निर्माण के लिए प्रस्तावित सड़क के अलाइनमेंट में बदलाव का ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे थे.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी रंजन चौधरी का आरोप था कि कुछ प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सड़क के नक्शे में बदलाव किया गया है. उनका कहना था कि इससे करीब 15 परिवारों के आशियाने और एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय पर संकट उत्पन्न हो गया है.
विकास के विरोधी नहीं, न्याय की मांग
रंजन चौधरी ने कहा कि ग्रामीण सड़क निर्माण और विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं. उनकी मांग केवल इतनी है कि प्रभावित परिवारों के साथ न्याय हो और किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय लोगों की समस्याओं पर विचार किया जाए. उन्होंने प्रशासन से पुराने अलाइनमेंट की निष्पक्ष समीक्षा कर उचित निर्णय लेने की मांग की.
बड़ी संख्या में शामिल रहे ग्रामीण
आमरण अनशन में संजीव चौधरी, लालबाबू राय, शंभू साह, मनोज झा, मंजू राय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे. प्रशासन द्वारा सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद फिलहाल आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन फिर शुरू किया जा सकता है.
