बैरगनिया-सीतामढ़ी मुख्य पथ पर खतरा

तीन किलोमीटर के सड़क ध्वस्त होने से बढ़ी लोगों की परेशानी वर्ष 2017 में आयी विनाशकारी बाढ़ से ध्वस्त हुई थी सड़क पुन: निर्माण को लेकर विधानसभा तक में उठ चुका है मामला बैरगनिया : प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद किसानों में जहां प्रसन्नता है, वहीं बैरगनिया-सीतामढ़ी मुख्य पथ पर खतरा […]

तीन किलोमीटर के सड़क ध्वस्त होने से बढ़ी लोगों की परेशानी

वर्ष 2017 में आयी विनाशकारी
बाढ़ से ध्वस्त हुई थी सड़क
पुन: निर्माण को लेकर विधानसभा तक में उठ चुका है मामला
बैरगनिया : प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद किसानों में जहां प्रसन्नता है, वहीं बैरगनिया-सीतामढ़ी मुख्य पथ पर खतरा मंडराने लगा है. वर्ष 2017 में आयी विनाशकारी बाढ़ में बैरगनिया से नन्दवारा के बीच करीब तीन किलोमीटर में ध्वस्त उक्त लाइफ लाइन सड़क का पुर्न निर्माण नही होने के कारण इस पथ पर आवागमन अवरुद्ध होने की संभावना बढ़ गयी है. तीन किलोमीटर सड़क को ध्वस्त हुए दो साल गुजर जाने के बाद भी पुनर्निर्माण नही होने से लोगों में स्थानीय जन प्रतिनिधियों व सरकार के प्रति गुस्सा है.
हालांकि उक्त सड़क के निर्माण के लिये स्थानीय विधायक अमित कुमार टुन्ना द्वारा अनशन भी किया गया था. उन्होंने विधानसभा मे भी इसकी मांग को उठा चुके हैं. इसके बावजूद भी सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है. अगर वर्षा इसी तरह जारी रही तो नन्दवारा से बैरगनिया व बेल से बैरगनिया के बीच आवागमन अवरुद्ध होना तय है. वहीं बैरगनिया-ढेंग पथ के वंशी चाचा सेतु के दोनों ओर रेन कट बन जाने से प्रखंड का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क भंग होना निश्चित है.
उधर, लालबकेया व बागमती के जलस्तर में वृद्धि से बागमती तटबंध पर दबाव बढ़ गया है. इस बार जल संसाधन विभाग द्वारा बागमती तटबंध की मरम्मती का काम भी पूरा नही हो सका है, जिसके कारण तटबंध के मुसाचक, नन्दवारा, मसहा आलम, अशोगी, सेंदुरिया के पास बड़े-बड़े रेन कट बन गये हैं.

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