चेनारी के डुमरी गांव में रविवार की रात हुआ हादसा, साथ गये लोग हुए फरार
खंभे पर चढ़ते ही हाइटेंशन तार में आया करेंट, धू-धू कर जला युवक
ग्रामीणों का आरोप : बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ हादसा
आक्रोश के बाद परिजनों को मिला चार लाख का चेकशटडाउन के बावजूद कैसे दौड़ी बिजली, एसडीएम ने विभाग को लगायी कड़ी फटकार
फोटो- 4-घटना के बाद बिजली के खंभे पर जला युवक का शव.
फोटो-4 ए- रात में घटनास्थल पर लोगों को समझाती सदर एसडीएम व अन्य अधिकारी.
फोटो-4 बी- मृतक का फाइल फोटो.प्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण
चेनारी थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में रविवार की रात बिजली के खंभे पर चढ़कर ट्रांसफाॅर्मर का फ्यूज ठीक कर रहे एक युवक की दर्दनाक मौत हो गयी. मृतक की पहचान डिहरिया पंचायत के खैरा गांव निवासी गोवर्धन तिवारी के पुत्र सदानंद तिवारी (36 वर्ष) के रूप में हुई है. मृतक की पत्नी सुनीता देवी इसी पंचायत की वार्ड सदस्य हैं. घटना के संबंध में बताया जाता है कि डुमरी गांव के कुछ लोग सदानंद को फ्यूज ठीक कराने के लिए उनके घर से बुलाकर ले गये थे. जब वह खंभे पर चढ़कर काम कर रहे थे, तभी अचानक हाइटेंशन तार में करेंट आ गया. करेंट की चपेट में आने से सदानंद की खंभे पर ही झुलसकर मौत हो गयी. हादसे के बाद साथ गये लोग मौके से फरार हो गये. सूचना मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े, जहां युवक का शव करेंट से धू-धू कर जल रहा था. स्थानीय लोगों ने तुरंत चेनारी थाना और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतारा और पोस्टमाॅर्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेज दिया. सदर एसडीपीओ-1 दिलीप कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. साथ गये लोगों की तलाश की जा रही है, ताकि हादसे की सच्चाई सामने आ सके.
घटनास्थल पर पहुंचीं एसडीएम और एसडीपीओ
हादसे की जानकारी मिलते ही सदर एसडीएम डॉ नेहा कुमारी, एसडीपीओ-1 दिलीप कुमार, थानाध्यक्ष और बीडीओ मौके पर पहुंचे. एसडीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को जमकर फटकार लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये. उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया और ग्रामीणों से शांति बनाये रखने की अपील की.
परिजनों को दिया गया चार लाख का चेक
प्रशासन के पहुंचने पर ग्रामीण शव को रखकर विभाग के उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को मौके पर ही चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया. इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए.
बिजली विभाग की लापरवाही उजागर:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रांसफाॅर्मर और तारों की खराबी को लेकर कई बार विभाग को सूचित किया गया था, लेकिन कोई कर्मी नहीं आया. यदि समय पर मरम्मत की गयी होती, तो यह हादसा टल सकता था. विभाग की इसी उदासीनता के कारण ग्रामीण स्वयं फ्यूज ठीक करने को मजबूर हुए.
शटडाउन को लेकर उलझा मामला
युवक की मौत के बाद यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि चेनारी फीडर से शटडाउन किसने दिया था और किसके कहने पर बिजली दोबारा चालू की गयी. इसकी खोज में विभाग के अधिकारी जुटे है. सहायक अभियंता (ग्रामीण) उज्जवल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. प्रारंभिक सूचना के अनुसार, शटडाउन किसी अन्य स्थान पर कार्य के लिए लिया गया था. इस स्थान पर शट डाउन के बाद करेंट कैसे आया, इसकी पूरी गहनता से जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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