हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने में शव रख किया प्रदर्शन,एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
नाली विवाद ने ली जान, आरोपित और उसकी भाभी गिरफ्तार
शिवसागर.
थाना क्षेत्र के गिरधरियां गांव में रविवार की रात पुरानी रंजिश में एक युवक ने दो सगे भाइयों पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये. घटना के बाद आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने एक भाई को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में हायर सेंटर रेफर कर दिया. घटना की सूचना पर पहुंची शिवसागर पुलिस ने आरोपित और उसकी भाभी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया. जानकारी के अनुसार मड़कन गांव निवासी भुवनेश्वर सिंह और नौडीहा गांव निवासी नागेंद्र तिवारी पिछले दस वर्षों से गिरधरियां गांव में मकान बनाकर रह रहे थे. नाली-गली को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था. रविवार की रात भुवनेश्वर सिंह के बेटे पप्पू सिंह और वकील सिंह खाना खाकर अपने दरवाजे पर बैठे थे. इसी दौरान नागेंद्र तिवारी का बेटा नितिश तिवारी वहां पहुंचा और दोनों पर चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में पप्पू सिंह की मौत हो गयी. घटना की रात ही सदर एसडीपीओ-टू एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से जानकारी ली.आक्रोशित परिजनों ने थाने में शव रखकर किया प्रदर्शन
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से खून समेत कई सैंपल एकत्र किये. सोमवार की सुबह मृतक के आक्रोशित परिजनों ने थाना में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया.एसपी रौशन कुमार ने बताया कि घायल वकील सिंह के बयान पर एफआइआर दर्ज की गयी है, जिसमें आधा दर्जन लोगों को नामजद किया गया है. मुख्य आरोपित नितिश तिवारी और उसकी भाभी रंजू देवी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पहले भी हो चुका है विवाद
वर्ष 2024 में भी भुवनेश्वर सिंह और नागेंद्र तिवारी के बीच नाली विवाद को लेकर मारपीट हुई थी. उस समय नीतीश के हमले में रामेश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये थे. मामला थाना तक पहुंचा था, लेकिन स्थानीय लोगों की पहल पर सुलझा लिया गया था. ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद से तनाव बना हुआ था.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक पप्पू सिंह ही परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे. वह गिरधरिया मोड़ पर सब्जी की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनके दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा बनारसी (15 वर्ष) दिव्यांग है और छोटा बेटा शिवम कुमार (10 वर्ष) है. पिता की मौत के बाद परिवार पर संकट गहरा गया है. दोनों बच्चों को देख मृतक की पत्नी उषा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
