Sasaram News : डिग्री कॉलेज और खेल मैदान को लेकर पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक

शनिवार को नोखा विधानसभा क्षेत्र के नोखा नगर पर्षद के धर्मशाला में प्रभात खबर चौपाल का आयोजन किया गया

सासाराम नगर, नोखा़ राइस मिलों के शहर में जंग खाती मिलें बची हैं, जो मिलें धुआं उगल रही हैं, उन पर करोड़ों रुपये कर्ज है. मिलों के बंद होने का सिलसिला जारी है. साथ में पलायन का दंश भी झेल रहा है. शनिवार को नोखा विधानसभा क्षेत्र के नोखा नगर पर्षद के धर्मशाला में प्रभात खबर चौपाल का आयोजन किया गया था, जिसमें नोखा विधानसभा से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए मंच पर जनप्रतिनिधि भाजपा नेत्री सह जिला पार्षद राजपुर रेशमा कुमारी, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष नागेंद्र चंद्रवंशी, राजद नेता श्यामलाल सिंह और जदयू के प्रो अशोक सिंह थे. इनके सामने नोखा विधानसभा की जनता थी, जो इस विधानसभा चुनाव से पहले अपने उन समस्याओं का हल खोज रही थी, जो पिछले कई दशकों से बने हुए है. इनमें डिग्री कॉलेज और खेल मैदान भी शामिल थे. सवालों का दौर शुरू हुआ, तो जनप्रतिनिधि खुद को बचाते हुए एक दूसरे पर आरोप मढ़ते नजर आये. फिर भी लोगों ने सबसे अधिक सवाल वर्तमान विधायक अनिता चौधरी से पूछे. क्योंकि इनका परिवार नोखा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में पिछले कई दशकों से है. उन्हें अपने ससुर और पति के बाद इस विरासत को संभालने का मौका मिला है. वह लगातार 10 वर्षों से यहां की विधायक हैं. इसलिए सवाल भी उनसे पूछे गये, जिसका जवाब उनके प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए राजद नेता श्यामलाल सिंह ने दिया. डिग्री कॉलेज और खेल मैदान पर उन्होंने कहा कि इसकी मांग हर बार की गयी है. लेकिन, स्थानीय प्रशासन अबतक जमीन उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है, जिससे नोखा का यह सपना पूरा नहीं हो सका है. बंद राइस मिलों के सवाल पर उन्होंने कहा कि निजी मिलें कुछ पैसे के अभाव में बंद हो चुकी है, जिससे रोजगार के लिए लोग पलायन कर रहे हैं. शराबबंदी के सवाल पर दोनों पक्ष के नेताओं ने एकता दिखाते हुए. इसका जिम्मेदार लोगों को ठहराया. सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि शराबबंदी राज्य की महिलाओं के पक्ष में लिया गया बड़ा फैसला है. लेकिन, यह तब तक सही ढंग से प्रभावी नहीं होगा, जब तक लोगों का सहयोग नहीं मिलेगा. इससे आप सभी से आग्रह है कि अपने आसपास शराब से जुड़े लोगों को चिह्नित करें और इसकी सूचना पुलिस को दें. हालांकि, कुछ लोगों ने पुलिस के कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस के सह पर शराब का धंधा फल-फूल रहा है. बाजार समिति खेल मैदान को लेकर एक युवक ने नेताओं से सवाल किया कि जब-जब राजनीतिक रैली होती है, तो खेल मैदान का इस्तेमाल किया जाता है. रैली समाप्त होने के बाद साफ-सफाई नहीं कराते हैं. इसपर मंच पर बैठे नेता ने कहा कि यह गलत है. इसके अलावा लोगों ने पार्टियों के कार्यालय नहीं होने का सवाल भी नेताओं से पूछा कि हम अपनी परेशानी किससे साझा करें. इसको लेकर नेताओं ने कहा कि पार्टी का कार्यालय नहीं है. लेकिन, लोगों की समस्याओं को सुना जाता है. साथ ही नोखा सीएचसी में महिला डॉक्टर नहीं होने के सवाल भी नेताओं से पूछे गये. क्योंकि महिलाओं का इलाज यहां नहीं होता है. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि इस संबंध में सीएस को पत्र लिखा गया है.

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