पिछला दरवाजा तोड़ा कर मार्केट में घुसे पांच चोर, टॉर्च की रोशनी देखकर हुए फरार
सीसीटीवी से निगरानी व सतर्क पड़ोसियों से टली चोरी बड़ी की घटना
बिक्रमगंज. शहर के हृदयस्थल डीएसपी आवास के ठीक सामने लालाजी ज्वेलर्स में बुधवार की देर रात चोरी की बड़ी वारदात होते-होते टल गयी. सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और पड़ोसियों की तत्परता से पांच चोर पुलिस की टॉर्च की रोशनी देखते ही फरार हो गये. घटना रात करीब दो बजे की है. दुकान के प्रोपराइटर शंकर प्रसाद उर्फ लाला सेठ ने बताया कि देर रात बगलगीर पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी कि दुकान की गली में संदिग्ध आवाज आ रही हैं. इसके बाद उन्होंने मोबाइल पर सीसीटीवी फुटेज खंगाला, तो हैरान रह गये. फुटेज में साफ दिख रहा था कि पांच चोर उनके दुकान में चोरी की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद तत्काल स्थानीय थाना और डायल-112 को सूचना दी गयी. बताया गया कि चोर पहले मार्केट के पिछले दरवाजे को तोड़ा और फिर उसी रास्ते से अंदर दाखिल हुए. इस मार्केट के दो प्रवेश द्वार हैं. एक मुख्य सड़क की ओर और दूसरा ढिबरा मुहल्ला स्थित पीछे की गली में. पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची और टॉर्च की रोशनी डाली, चोर घबराकर भाग खड़े हुए. हालांकि, स्थानीय लोगों और व्यवसायियों का कहना है कि यदि पुलिस पीछे की गली से दबे पांव आती, तो सभी चोर पकड़े जा सकते थे. चोरों की पहचान में जुटी पुलिस इस संबंध में थानाध्यक्ष ललन कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे पांच चोरों में से एक का चेहरा आंशिक रूप से स्पष्ट है. उसी के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है और जल्द ही उद्भेदन का प्रयास किया जायेगा. भाजपा नेता सह व्यवसायी मदन प्रसाद वैश्य ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस रणनीतिक तरीके से पीछे की ओर से आती, तो यह बड़ी उपलब्धि होती. लेकिन यह अवसर पुलिस ने गंवा दिया. घटना के बाद व्यवसायियों में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है. पांच वर्षों में लालाजी ज्वेलर्स में दूसरी बार चोरी का प्रयास लालाजी ज्वेलर्स के प्रोपराइटर शंकर प्रसाद उर्फ लाला सेठ ने बताया कि यह उनके प्रतिष्ठान में चोरी की दूसरी कोशिश है. इससे पहले वर्ष 2020 में भी इसी पीछे के दरवाजे से चोरों ने लाखों रुपये मूल्य के गहनों पर हाथ साफ किया था. लेकिन, उस मामले में आज तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली. अगर पिछले वारदात में पुलिस द्वारा कुछ ठोस कार्रवाई हो गयी होती, तो निश्चित ही ऐसी घटनाएं दुबारा नहीं होती. उनका कहना है कि इस बार सीसीटीवी कैमरे और बेहतर पड़ोसियों की सतर्कता से उनकी दुकान बच गयी. पुलिस के लिए बढ़ी चुनौती बुधवार की रात एएसपी संकेत कुमार ने नये डीएसपी सिंधु शेखर सिंह को पदभार सौंपा. उनके योगदान लेते ही घटित यह घटना हुई है. इससे पुलिस की चुनौती बढ़ गयी है. उन्होंने इसे गंभीरता से लेने की बात कही और जल्द खुलासे का भरोसा दिलाया.
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