प्लांट से सटे घुसियां खुर्द गांव के ग्रामीणों को गेट पर रोके जाने से बढ़ा आक्रोश जनवरी 2025 में हुआ था उद्घाटन, अब जांच में जुटा प्रशासन ग्रामीणों ने बाल्टी से पानी ढोकर बुझायी आग फोटो -13-उत्कर्ष बायो पल्स लिमिटेड में लगे आग की तस्वीर प्रतिनिधि, बिक्रमगंज घुसियां खुर्द स्थित उत्कर्ष बायोफ्यूल्स लिमिटेड के सीएनजी प्लांट में सोमवार की सुबह करीब 11 बजे अचानक लगी भीषण आग में लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति जलकर खाक हो गयी. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गयी. सूचना मिलते ही अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी क्षति हो चुकी थी. गौरतलब है कि इस प्लांट का उद्घाटन जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. आग लगने के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है. कंपनी के निदेशक उत्कृष्ट कुमार सिंह ने बताया कि आग कैसे लगी, इसकी पड़ताल की जा रही है. धान, गेहूं व सब्जियों के अवशेष से सीएनजी गैस उत्पादन करने वाला यह प्लांट करोड़ों की लागत से स्थापित किया गया है. इसके संचालन से आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के किसान भी जुड़े हैं. किसान पुआल, गेहूं व मक्के के डंठल के बंडल ऊंचे दाम पर यहां बेचते हैं, जिससे दर्जनों किसानों को लाखों की आय हो रही है. इधर आग लगते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में कंपनी गेट पर पहुंच गये, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अंदर जाने से रोका गया. घुसियां खुर्द निवासी रणजीत कुमार ने कहा कि जब आग लगी, तो पूरा गांव मदद के लिए तैयार था, लेकिन वॉचमैन ने गेट नहीं खोला और किसी ग्रामीण को अंदर नहीं आने देने की बात कही. ग्रामीणों के विरोध के बाद गेट खोला गया. इसके बाद लोग घरों से बाल्टी व बर्तन में पानी लेकर आग बुझाने में जुट गये. ग्रामीणों ने कहा कि प्लांट आबादी के नजदीक है, इसलिए आग से गांव को खतरा हो सकता था.लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि घनी आबादी के पास इस तरह के औद्योगिक प्लांट को अनुमति कैसे मिली. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है. आग की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था व कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं.
सीएनजी प्लांट में लगी भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख
घुसियां खुर्द स्थित उत्कर्ष बायोफ्यूल्स लिमिटेड के सीएनजी प्लांट में सोमवार की सुबह करीब 11 बजे अचानक लगी भीषण आग में लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति जलकर खाक हो गयी.
