Sasaram News : अश्लीलता को रोकने के लिए सरकार को बनाना चाहिए कानून : जीयर स्वामी

परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि आज हर जगह अश्लील दृश्य, अश्लील गायन, अश्लील कंटेंट परोसा जा रहा है.

सूर्यपुरा़ परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि आज हर जगह अश्लील दृश्य, अश्लील गायन, अश्लील कंटेंट परोसा जा रहा है. इस पर सरकार को सख्त कानून बनाने की जरूरत है. जिस तरीके से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म घर-घर तक पहुंच गया है. उसी प्रकार से आज घर-घर तक अश्लील कंटेंट भी पहुंच रहे हैं. आज हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे ऐसे दृश्य और कंटेंट दिखायी पड़ते हैं, जिससे खास करके युवा पीढ़ी गलत दिशा में जा रहे हैं. आज समाज में अश्लील दृश्यों का प्रचलन बढ़ गया है. टीवी हो, मोबाइल हो या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हो, हर जगह पर केवल समाज को भ्रमित करने के लिए गलत वीडियो, ऑडियो, टेक्स्ट, मैसेज को डाला जा रहा है. इससे हमारे युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे है. मोबाइल पर जिस तरीके से गलत कंटेंट लोगों के पास पहुंच रहा है, उससे केवल युवा पीढ़ी ही नहीं बल्कि हर उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं. आज लोगों के दिल दिमाग पर केवल वही अश्लील दृश्य हावी हो रहे हैं. क्योंकि, टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ-साथ अश्लील कंटेंट का भी विस्तार हो गया हैं. हमें अपने समाज, संस्कृति, संस्कार के साथ अपने युवा पीढ़ी को भटकने से बचाना होगा. क्योंकि पश्चिमी संस्कृति हमारे ऊपर हावी हो रही है. लेकिन भारत का संस्कृति, संस्कार, व्यवहार, मर्यादा को मर्यादित रखने के लिए अश्लील दृश्य पर रोक लगाने की जरूरत है. व्यक्ति का भोजन भी होना चाहिए शुद्ध श्रीमद्भागवत कथा अंतर्गत स्वामी जी ने भोजन पर भी विस्तार से चर्चा की. स्वामी जी ने कहा कि व्यक्ति का भोजन भी शुद्ध होना चाहिए. गलत भोजन करने से हमारा शरीर स्वस्थ नहीं रहता है. साइंस के अनुसार बिना पकाया हुआ मांस खाने से लीवर 15 दिनों तक सही तरीके से काम नहीं करता है. मानवीय जीवन में मनुष्यों के लिए दाल, चावल, सब्जी, रोटी, फल, फूल, दूध, दही इत्यादि को खाने के लिए बताया गया है. कुछ लोग कहते हैं विज्ञान के अनुसार लोकभाग जीव को आहार के रूप में किसी जीव को ही खाना चाहिए. इसलिए उन लोगों को यह भी समझना चाहिए कि जब चावल, रोटी, दाल को एक दिनों, दो दिनों तक छोड़ दिया जाता है, तो उसमें छोटे-छोटे कीड़े पड़ जाते हैं. वह भी एक प्रकार से जीव हैं. वहीं, फल फूल में भी कीड़े पड़ जाते हैं. वह भी एक प्रकार के जीव होते हैं. इस प्रकार से मनुष्यों के लिए ऐसे भोजन को बताया गया है जैसे कि फल, फूल, चावल, दाल, रोटी इत्यादि. जो भी गलत भोजन होता है उसको खाने के लिए भी कुछ अलग कंडीशन होता है. जितने भी संसार में जीव हैं, उनके लिए अलग-अलग प्रकार के आहार बताये गये हैं. मांस, मदिरा का भोजन वही कर सकता है, जो जीभ निकाल कर पानी पीता है.जैसे कुत्ता, बिल्ली, शेर, बाघ इत्यादि. वैसे जानवर जिनके दांत नुकीले होते हैं वह मांस मदिरा इत्यादि का भोजन करते हैं. यदि मांस को तेल मसाला इत्यादि डाल करके नहीं पकाया जाये तो सोचिए कि क्या कोई व्यक्ति खा सकता है. इसीलिए जब आप किसी भी वस्तु को उसमें तेल मसाला नमक इत्यादि डाल करके उसको आप जब खायेंगे तो उसका कुछ न कुछ स्वाद आपको जरूर महसूस होगा.

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