चकाचक किया जा रहा डेहरी शहर का एनीकट इलाका

सोन नदी पर बन रहे 1347 करोड़ के डैम से बुझेगी तीन शहरों की प्यास, मार्च 2027 तक लक्ष्य

तैयारी.

मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर डेहरी में युद्धस्तर पर तैयारियां, डीएम ने किया निरीक्षण

सोन नदी पर बन रहे 1347 करोड़ के डैम से बुझेगी तीन शहरों की प्यास, मार्च 2027 तक लक्ष्य

बिसेप-2 के ग्राउंड में मुख्यमंत्री का उतरेगा हेलीकॉप्टर

सड़क मार्ग से जलापूर्ति परियोजना के विभिन्न पड़ावों का करेंगे निरीक्षण

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फोटो -19- मुख्यमंत्री के संभावित यात्रा स्थल का निरीक्षण करतीं डीएम, एसपी व अन्य वरीय पदाधिकारी.

ए- वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी भेजने के लिए सोन नदी में बन रहा वॉटर टैंक. बी- एनिकट में चल रहे बांध निर्माण कार्य का निरीक्षण करते पूर्व विधायक इ-सत्यनारायण सिंह व अन्य.

सी- बस्तीपुर के पास निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट. डी- डेहरी इंडस्ट्रियल एरिया में पुरानी सड़क को किया जा रहा चकाचक.

प्रतिनिधि, डेहरी ऑफिस

बिहार सरकार की हर घर शुद्ध जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत औरंगाबाद, डेहरी और सासाराम शहरों के लिए निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चल रहे कार्यों का गुरुवार को डीएम सहित वरीय अधिकारियों ने सघन निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 24 मार्च को संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है. इसी क्रम में बिसवां फाटक पर निर्माणाधीन डैम का पूर्व विधायक सत्यनारायण सिंह ने भी जायजा लिया. बारुण और डेहरी एनीकट के बीच बन रहे इस भव्य डैम को मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. यद्यपि आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लिखित पत्र अब तक अनुमंडल कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है, परंतु, धरातल पर चल रही तैयारियों ने इस दौरे की पुष्टि कर दी है. इंडस्ट्रियल एरिया में नयी सड़कों का निर्माण, बस्तीपुर में पेयजल ट्रीटमेंट प्लांट और जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने के कार्य में आयी अभूतपूर्व तेजी को देखकर स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के आगमन का प्रबल अनुमान लगा रहे हैं. नगर पर्षद के अधिकारी और कर्मी दिन-रात एक कर एनीकट इलाके सहित पूरे शहर की सूरत बदलने में जुटे हैं. सड़कों के किनारे झाड़ियों की कटाई और पुल-पुलिया से बालू हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है.

विकास की चमक देख राहगीर भी हुए गदगद

शहर में चल रहे सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्यों को देखकर मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों और राहगीरों के चेहरे खिले हुए हैं. लोगों का कहना है कि काश मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हर इलाके में होता, ताकि पूरा क्षेत्र इसी तरह चकाचक हो जाता. कल तक जो इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें जर्जर थीं, वहां अब नयी काली सड़कें बिछायी जा रही हैं. चर्चा है कि बिसेप-2 के ग्राउंड में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरेगा, जहां से वे सड़क मार्ग द्वारा जलापूर्ति परियोजना के विभिन्न पड़ावों का निरीक्षण करेंगे. वन विभाग, जल संसाधन विभाग और लोक निर्माण विभाग के कर्मी इस प्रयास में लगे हैं कि कहीं भी कोई कमी न रह जाए.

सोन नदी से तीन शहरों को मिलेगा शुद्ध जल

सोन नदी से डेहरी, सासाराम और औरंगाबाद के घरों में जलापूर्ति करने के लिए लगभग 1347 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से यह वृहद योजना संचालित की जा रही है. नागार्जुन कंस्ट्रक्शन लिमिटेड द्वारा कराये जा रहे डैम निर्माण के संबंध में जेइ सोनू कुमार ने बताया कि बांध की कुल लंबाई 4.3 किलोमीटर है. वर्तमान में सिविल कार्य प्रगति पर है और इरेक्शन की प्रक्रिया प्रोसेसिंग में डाली गयी है. उन्होंने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि बारुण साइड में सिविल का काम लगभग पूरा हो चुका है. डेहरी और बारुण दोनों तरफ 12-12 फाटकों का निर्माण किया जा रहा है. इन फाटकों के बीच में ”छलका” बनाकर डैम में पानी रोकने की पुख्ता व्यवस्था होगी. नहरों के किनारे और राजमार्ग के समानांतर पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की यह योजना पूर्ण होते ही क्षेत्र के लाखों लोगों को चौबीसों घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने लगेगा. प्रशासन इस ऐतिहासिक परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहा है.

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Author: ANURAG SHARAN

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