Sasaram News : आक्रोशित जनता ने दो नंबर गेट को जाम कर किया प्रदर्शन

समहुता ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर तीन में रहने वाले डालमिया फैक्ट्री के एससी-एसटी कॉलोनी में पिछले दो महीने से डालमिया (भारत) सीमेंट फैक्ट्री ने पीने का पानी की सप्लाई को बंद कर दिया है.

अकबरपुर. समहुता ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर तीन में रहने वाले डालमिया फैक्ट्री के एससी-एसटी कॉलोनी में पिछले दो महीने से डालमिया (भारत) सीमेंट फैक्ट्री ने पीने का पानी की सप्लाई को बंद कर दिया है. इससे कॉलोनी में रह रहे सैकड़ों परिवार व आम जनता त्राहिमाम है. ग्रामीणों ने फैक्ट्री के प्रबंधक से नल का पानी चालू करने के लिए एक सप्ताह पूर्व ही आवेदन दिया था, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई. सुनवाई नहीं होने पर आक्रोशित जनप्रतिनिधि व महिला ने सड़क पर उतर कर दो नंबर गेट को जाम किया और अधिकारी के खिलाफ नारे लगाये. पंचायत के बीडीसी दीपक कुमार सिंह, सरपंच चंदन कुमार, समाजसेवी जय प्रकाश ठाकुर, साहेब सिंह, रिंकू शर्मा, रंजीत पासवान, धनंजय साह, मुन्ना पटेल, राजकुमार पासवान, रमेश चौधरी, अशोक चौहान, प्रेम गुप्ता, पार्वती देवी, सुनीता देवी, मनौती कुंअर ने बताया कि कंपनी दलित विरोधी है, सैकड़ों घर का पानी को रोक दिया है. यह क्षेत्र में तालिबानी फरमान चलते हैं, इनके द्वारा क्षेत्र के लोगों को काफी कठिनाई दी जा रही है. कंपनी सीएसआर के माध्यम से तो अपना काम कर रही है, पर फाउंडेशन की आड़ में डालमिया सीमेंट प्लांट यहां के गरीब जनता का शोषण कर रही है. अंधाधुंध प्रदूषण फैला रही है, नियम कानून को ताक पर रख कचरा जला रही है, मुरली कैंप से लेकर बंजारी तक रोड प्रदूषण का सितम इतना है कि लोग फेफड़ा की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं. लोगों को देखने में, सांस लेने में परेशानी हो रही है. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अगर कंपनी के अधिकारी क्वार्टर में रह रहे परिवारों को पानी की व्यवस्था नहीं करती है और जैसे पानी पूर्व में चल रहा था वैसे नहीं चलाता है तो हम लोग बाध्य होकर फैक्ट्री के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे. क्योंकि जो टंकी लगी है वह पीएचइडी विभाग का था और उससे ही पानी आया करता था. उसी टंकी से पानी बरसों से चला रहा था, जिसे कंपनी के अधिकारियों द्वारा बंद कर दिया गया. गरीब जनता को जो पानी पीने की दिक्कत हो रही है, उस पर वो जल्द से जल्द संज्ञान ले. सरपंच ने कहा कि एक सप्ताह पहले आवेदन दिया गया था, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई. वहीं, विभाग के प्रबंधक संजय कुमार झा को दूरभाष पर बात करने की कोशिश की, मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया. क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि –कंपनी एसटी-एससी विरोधी है. यह लोगों को सता रही है. लोग इससे त्राहिमाम हैं. प्रदूषण से लेकर कई तरह की समस्या क्षेत्र में है. पांच किलोमीटर के अंदर सभी लोग काफी नाखुश हैं. दीपक कुमार, बीडीसी, आदर्श ग्राम समहुता — एक सप्ताह पूर्व आवेदन दिया गया था, मगर कंपनी के लोगों ने कोई सुनवाई नहीं की. क्षेत्र के लोगों पर तालिबानी फरमान जारी कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की जनता काफी कठिनाई झेल रही है. चंदन कुमार, सरपंच, आदर्श ग्राम समहुता क्या कहती हैं गृहिणी — सौ घर का क्वार्टर में रहने वाले सभी लोगों को पानी पीने की परेशानी हो रही है. दूर-दूर से पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है. काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. सुषमा देवी, वार्ड नंबर तीन, आदर्श ग्राम समहुता — कई वर्षों से पानी आ रहा था, उस नल को कंपनी द्वारा बंद कर दिया गया. जो टंकी है वह कंपनी के अंदर है, कोई कुछ बोल नहीं सकता है. इसका नाजायज फायदा उठा रहे हैं और पानी क्यों बंद किया गया है यह भी नहीं हम लोग को आज तक पता चल पाया है. मुनि देवी, वार्ड नंबर तीन, आदर्श ग्राम समहुता

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