Rohtas News : सासाराम प्रखंड के सभी 25 माध्यमिक विद्यालयों में सोमवार को टेक पाठशाला के प्रथम मासिक टेस्ट का आयोजन किया गया. कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए सुबह 11 बजे से आयोजित परीक्षा में कुल 2435 छात्र शामिल हुए. परीक्षा में टेक पाठशाला के तहत अब तक पढ़ाये गये कंप्यूटर विषय के बेसिक नॉलेज से जुड़े प्रश्न पूछे गये.
चार मॉड्यूल की पढ़ाई के बाद हुआ पहला टेस्ट
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान रजनीश उपाध्याय ने बताया कि छात्रों में कंप्यूटर विषय की बुनियादी जानकारी और डिजिटल दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से सासाराम प्रखंड के 25 माध्यमिक विद्यालयों में एक अगस्त से टेक पाठशाला कार्यक्रम शुरू किया गया था. इसके तहत चार मॉड्यूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद प्रथम मासिक टेस्ट लिया गया.
उन्होंने बताया कि परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर सभी विद्यालयों के कंप्यूटर शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये थे. परीक्षा से पहले छात्रों से संबंधित वांछित आंकड़ों की प्रविष्टि गूगल शीट पर की गयी. इसके साथ ही सभी विद्यालयों में प्रश्न-पत्र की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गयी थी.
हर महीने होगा छात्रों का मूल्यांकन
टेक पाठशाला के तहत छात्रों के लिए अलग कॉपी रखी गयी है. इसी कॉपी में प्रत्येक माह होने वाले मासिक टेस्ट के प्रश्नों के उत्तर लिखे जायेंगे. इससे छात्रों की पढ़ाई और उनकी प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जा सकेगा.
रजनीश उपाध्याय ने बताया कि टेस्ट समाप्त होने के बाद कंप्यूटर शिक्षकों द्वारा छात्रों की कॉपियों की जांच लाल पेन से की जायेगी. इसके बाद प्रत्येक छात्र के प्राप्तांक को गूगल शीट पर अपडेट किया जायेगा. उन्होंने कहा कि मासिक टेस्ट, कॉपियों का मूल्यांकन और गूगल शीट पर अंक दर्ज करना टेक पाठशाला कार्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है.
डिजिटल शिक्षा में रुचि बढ़ाने पर जोर
अधिकारियों के अनुसार टेक पाठशाला के माध्यम से छात्रों को कंप्यूटर के बेसिक ज्ञान से परिचित कराने के साथ ही डिजिटल शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. प्रथम मासिक टेस्ट में छात्रों की बड़ी भागीदारी से विद्यालयों में उत्साह का माहौल रहा.
टेस्ट के परिणाम के आधार पर छात्रों के सीखने की स्थिति का आकलन किया जायेगा. इसके बाद जिन विषयों में छात्रों को परेशानी हो रही होगी, उन पर विशेष ध्यान देकर आगे की पढ़ाई को बेहतर तरीके से संचालित किया जायेगा. अधिकारियों का मानना है कि नियमित टेस्ट और मूल्यांकन से छात्रों की कंप्यूटर संबंधी समझ और दक्षता में लगातार सुधार होगा.
