फोटो-2- श्री राम जन्मोत्सव पर माताओं ने जयकारे लगाती प्रतिनिधि, इंद्रपुरी श्री रामनवमी के उपलक्ष्य में नारायणपुर स्थित हनुमान मंदिर में 19 मार्च से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा व श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन सोमवार की शाम श्रीराम जन्मोत्सव की झांकी प्रस्तुत की गयी. इस दौरान माताओं ने सोहर गीत गाकर बधाइयां दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. इससे पहले वृंदावन से आयी कथावाचक साध्वी सुप्रिया किशोरी जी ने कथा में भगवान का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान साधुओं की रक्षा, दुष्टों के विनाश और धर्म की पुनः स्थापना के लिए विभिन्न रूपों में अवतार लेते हैं. प्रत्येक युग में भगवान अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करते हैं. उन्होंने कहा कि वेद मनुस्मृति में समाये हैं, विष्णु में सभी देव समाये हैं, शास्त्र गीता में समाये हैं और गंगा में सभी तीर्थ समाये हैं. गीता, गणेश, गायत्री, गऊ और गंगा में भारत की संस्कृति और संस्कार निहित हैं. इन नामों को हृदय में धारण करने से सब कुछ प्राप्त हो जाता है. गौरतलब है कि 28 मार्च को हवन एवं भंडारे के साथ कथा का विश्राम होगा.
श्रीराम जन्मोत्सव की झांकी से गूंजा नारायणपुर हनुमान मंदिर परिसर
28 मार्च को हवन-भंडारे के साथ कथा विश्राम
