Kushi Primary School Students Fell ill : रोहतास जिले के काराकाट प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय कुशी में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रार्थना सभा के दौरान एक के बाद एक छह छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. चार छात्राएं कतार में खड़े-खड़े जमीन पर गिरकर छटपटाने लगीं, जबकि दो अन्य छात्राओं को बाद में सीने में दर्द की शिकायत हुई. प्रशासनिक जांच में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के चावल की गुणवत्ता खराब पाई गई है.
Sasaram News : प्रार्थना के दौरान अचानक बिगड़ी छात्राओं की तबीयत
विद्यालय में सुबह की प्रार्थना के दौरान चार छात्राएं अचानक गिरकर छटपटाने लगीं. प्रधानाध्यापक पुष्पेंद्र राय और शिक्षकों ने सभी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोड़ारी पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद चार छात्राएं स्वस्थ हो गईं. करीब दो घंटे बाद दो अन्य छात्राओं की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें भी अस्पताल ले जाया गया.
Rohtas News : एक छात्रा पटना रेफर, पांच स्वस्थ होकर लौटीं
इलाज के बाद कक्षा सात की खुशी कुमारी, पूनम कुमारी, पायल कुमारी, अंशिका कुमारी और कक्षा आठ की प्रिया कुमारी स्वस्थ होकर घर लौट गईं. वहीं कक्षा आठ की छात्रा नंदनी कुमारी की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने ईसीजी जांच के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया. परिजनों के अनुसार, नंदनी को दो दिन पहले भी इसी तरह की शिकायत हुई थी.
एमडीएम के खराब चावल पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एमडीएम में दिए जा रहे खराब चावल को जिम्मेदार बताया. बीडीओ राहुल कुमार सिंह ने विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां एमडीएम की जांच में भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली. रसोइया ने भी बताया कि शुक्रवार को बने एमडीएम का चावल खराब था, जिसे खाने के बाद दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ी थी.
दो दिन पहले कोचिंग में भी हुई थी ऐसी घटना
ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले कुशी गांव के एक कोचिंग संस्थान में भी तीन छात्राओं को सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई थी. इससे क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है.
प्रधानाध्यापक और डॉक्टर ने क्या कहा
प्रधानाध्यापक पुष्पेंद्र राय ने बताया कि खराब चावल की शिकायत पहले ही विभाग को दी जा चुकी है और अब इसे हटाकर ही एमडीएम तैयार कराया जाएगा. वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि यह एनडीएफ (Functional) से जुड़ा मामला हो सकता है, जो गर्मी, उमस या खानपान के कारण होता है. उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने से मरीज सामान्य हो जाते हैं और घबराने की जरूरत नहीं है.
