Sasaram News (मनोज कुमार सिंह): रोहतास जिले के दावथ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मलियाबाग स्थित राम प्यारे उच्च विद्यालय, कवई के प्रांगण में शुक्रवार को बिहार राज्य किसान सभा (संबद्ध अखिल भारतीय किसान सभा) के तत्वावधान में फसल उत्पादक किसानों का एक दिवसीय क्षेत्रीय कन्वेंशन आयोजित किया गया. इस महत्वपूर्ण किसान सभा की अध्यक्षता पूर्व प्रखंड प्रमुख कामरेड रघुनाथ सिंह ने की. कन्वेंशन में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को लेकर हुंकार भरी.
किसानों के साथ हो रहा छलावा, फसलों का नहीं मिल रहा उचित दाम: राजन क्षीरसागर
कन्वेंशन के मुख्य वक्ता और अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड राजन क्षीरसागर ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आज देश और सूबे की सरकारें किसानों के साथ सरेआम छलावा कर रही हैं. हाड़-तोड़ मेहनत करने के बावजूद किसानों को उनके फसल का उचित और लाभकारी मूल्य प्राप्त नहीं हो रहा है.
किसान नेता ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि यहाँ की सरकारें नीतिगत रूप से किसानों की हक मारी कर रही हैं और सीधे तौर पर बड़े-बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने में जुटी हैं. उन्होंने किसानों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की अपील करते हुए आगामी 10 जून को गया जी में आयोजित होने वाली विशाल ‘किसान महापंचायत’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया, ताकि सरकार के खिलाफ एक मजबूत और निर्णायक लड़ाई लड़ी जा सके.
वयोवृद्ध किसानों का हुआ सम्मान, कई वामपंथी नेता रहे मौजूद
इस क्षेत्रीय कन्वेंशन को कामरेड राजेंद्र महतो, कामरेड उत्तम प्रसाद गुप्ता, कामरेड भीम सिंह, जलेश्वर सिंह, श्री राम राय और कलीमुद्दीन ने भी संबोधित किया. वक्ताओं ने कृषि संकट, सिंचाई की किल्लत और खाद-बीज की कालाबाजारी जैसे स्थानीय मुद्दों पर भी सरकार को घेरा.
सम्मान समारोह: कार्यक्रम के समापन सत्र में एक अनूठी पहल देखने को मिली. किसान सभा के शीर्ष नेताओं ने कृषि क्षेत्र में अपना पूरा जीवन खपा देने वाले इलाके के वयोवृद्ध (बुजुर्ग) किसानों को मंच पर अंग वस्त्र (शॉल) और फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया. इस सम्मान को पाकर बुजुर्ग किसानों के चेहरे खिल उठे.
इस मौके पर संतोष कुमार, हैवंती देवी, परविंदर प्रभाकर भारती, जगदीश राम, संत कुमार, रविकांत राम, सुदर्शन राम, हरेंद्र सिंह, अखिलेश कुमार चौधरी और नरसिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय किसान और बटाईदार उपस्थित थे.
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