नोखा अंचल कार्यालय में जनता दरबार: भूमि विवाद के सात मामलों पर हुई सुनवाई, तीन का ऑन-स्पॉट निपटारा

Sasaram News: रोहतास के नोखा प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय में शनिवार को सीओ मधुसूदन चौरसिया की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन हुआ. दरबार में भूमि विवाद से जुड़े कुल सात मामले सामने आए, जिनमें से तीन मामलों का आपसी सहमति और दस्तावेजों के आधार पर मौके पर ही निपटारा कर दिया गया. सीओ ने बताया कि थाना के बजाय अंचल कार्यालय में जनता दरबार होने से निष्पादन की प्रक्रिया आसान हुई है. शेष चार लंबित मामलों की जांच के निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दे दिए गए हैं.

Sasaram News (रंजन कुमार): रोहतास जिले के नोखा प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय के सभा कक्ष में शनिवार को अंचल अधिकारी (सीओ) मधुसूदन चौरसिया की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस साप्ताहिक जनता दरबार में भूमि विवाद से संबंधित कुल सात नए मामले दर्ज किए गए. सीओ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और राजस्व दस्तावेजों के मिलान के बाद तीन जटिल मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक ऑन-स्पॉट निष्पादन कर दिया. वहीं शेष बचे चार मामलों के स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है.

थाना के बदले अब अंचल कार्यालय में सुनवाई, प्रक्रिया हुई अधिक सुविधाजनक: सीओ

जनता दरबार को लेकर जानकारी देते हुए अंचल अधिकारी मधुसूदन चौरसिया ने बताया कि सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले आम लोगों की जमीन संबंधी समस्याओं के पारदर्शी, निष्पक्ष and त्वरित समाधान के उद्देश्य से इस दरबार का नियमित आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व में जनता दरबार का आयोजन स्थानीय थाना स्तर पर किया जाता था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था के तहत अब इसे सीधे अंचल कार्यालय में आयोजित किया जा रहा है. अंचल कार्यालय में ही राजस्व कर्मचारी और अंचल अमीन की मौजूदगी होने से मामलों की गहन सुनवाई और उनके ऑन-स्पॉट निष्पादन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक प्रभावी, त्वरित एवं रैयतों के लिए सुविधाजनक हो गई है.

शेष 4 लंबित मामलों के लिए कागजातों का भौतिक सत्यापन शुरू

सीओ ने स्पष्ट किया कि प्राप्त सात मामलों में से जिन तीन का निष्पादन किया गया है, उसमें पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और विभागीय नियमों का अक्षरशः पालन किया गया है. वहीं बचे हुए चार लंबित मामलों के समाधान के लिए संबंधित क्षेत्र के राजस्व कर्मचारियों को जमीन की मापी, खतियान व केवाला जैसे आवश्यक दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) का जिम्मा सौंपा गया है. सीओ ने मौके पर मौजूद सभी संबंधित राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि वे मौके पर जाकर जांच पूरी करें ताकि लंबित मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित हो सके.

सीधे अपनी बात रखने का मिल रहा मौका, ग्रामीणों ने की पहल की सराहना

शनिवार को आयोजित इस जनता दरबार में अपनी-अपनी जमीनी विवाद की शिकायतों को लेकर नोखा प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष फरियादी पहुंचे थे. प्रशासन की इस त्वरित कार्यशैली से संतुष्ट ग्रामीणों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की. जनता दरबार में आया प्रबुद्ध नागरिकों ने कहा कि इस सुव्यवस्थित व्यवस्था के कारण अब आम लोगों को बिचौलियों के चक्कर नहीं काटने पड़ते और उन्हें अपनी समस्याएं सीधे वरीय अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखने का पूरा अवसर मिल रहा है. इस विशेष अवसर पर अंचल कार्यालय के कई प्रधान लिपिक, अंचल अमीन, राजस्व कर्मचारी और कार्यालय कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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