Sasaram Fire Safety Raid (प्रमोद कुमार श्रीवास्तव): देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार सामने आ रही भीषण अगलगी की घटनाओं को देखते हुए रोहतास जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. सासाराम में आगजनी की संभावित घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाने और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू कराने के उद्देश्य से एक विशेष जांच अभियान की शुरुआत की गई है. इसी कड़ी में गुरुवार को सासाराम की अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) डॉ. नेहा कुमारी एवं फायर ब्रिगेड अधिकारी सुनीता कुमारी ने संयुक्त रूप से शहर के कई संवेदनशील इलाकों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज रेड) किया.
अस्पतालों, क्लीनिकों और होटलों में मची खलबली, एक-एक पॉइंट की हुई गहन पड़ताल
प्रशासनिक टीम के अचानक सड़कों पर उतरने से शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिकों और बड़े होटलों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था की लाइव चेकिंग की. इस हाई-लेवल चेकिंग के दौरान भवनों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों (फायर एक्सटिंग्विशर), आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट गेट), पानी के बड़े टैंकों की उपलब्धता, रेत से भरी बाल्टियों और अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली की गहन पड़ताल की गई. टीम ने यह भी देखा कि अस्पतालों में लगे गैस सिलेंडर और उपकरण चालू हालत में हैं या केवल दिखावे के लिए टांगे गए हैं.
गर्मी में शॉर्ट सर्किट और गैस रिसाव का बड़ा खतरा, सुरक्षा से खिलवाड़ मंजूर नहीं: एसडीएम
जांच अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में शॉर्ट सर्किट, एसी ब्लास्ट और गैस रिसाव जैसी तकनीकी खामियों के कारण आग लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है. अस्पताल, क्लीनिक और होटल बेहद संवेदनशील संस्थान हैं क्योंकि यहाँ चौबीसों घंटे भारी संख्या में आम लोग और मरीज मौजूद रहते हैं. ऐसे में इन जगहों पर फायर सेफ्टी के राष्ट्रीय मानकों (National Fire Safety Norms) का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य है.
फायर ऑफिसर की खुली चेतावनी: लापरवाही मिली तो सीधे सील होंगे संस्थान
संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिन होटलों और अस्पतालों में सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां या लापरवाही पाई गई, उन्हें ऑन-द-स्पॉट कड़ी फटकार लगाई गई. फायर ऑफिसर सुनीता कुमारी ने संबंधित संचालकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षा उपकरणों को रीफिल कराकर दुरुस्त कर लिया जाए. यदि दोबारा जांच में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध भवन को सील करने समेत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद से सासाराम के सभी बड़े व्यावसायिक और चिकित्सा प्रतिष्ठानों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता काफी बढ़ गई है. अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि आम जनता की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और आने वाले दिनों में यह चेकिंग अभियान पूरे अनुमंडल क्षेत्र में लगातार जारी रहेगा.
