455.61 करोड़ रुपये खर्च कर बनेगा 205 किमी सीवरेज, बुडको को जिम्मा

Sasaram news. नगर निगम क्षेत्र में जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए 455.61 करोड़ रुपये से सीवरेज नेटवर्क तैयार किया जायेगा. केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत-2.0) के तहत राज्य कैबिनेट ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है.

22 वार्डों के 33525 घरों को जोड़ा जायेगा सीवरेज नेटवर्क से, जलजमाव से मिलेगी राहत

वार्ड नंबर 13 और 14 जैसे के लिए बनेंगे चार पंपिंग स्टेशन, बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटफोटो- 12- कादिरगंज से ताराचंडी धाम तक जानेवाली सड़क पर बहता नाली का पानी. प्रतिनिधि, सासाराम नगरनगर निगम क्षेत्र में जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए 455.61 करोड़ रुपये से सीवरेज नेटवर्क तैयार किया जायेगा. केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत-2.0) के तहत राज्य कैबिनेट ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है. इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए बुडको को जिम्मेदारी सौंपी गयी है, जिसको लेकर बुडको के अधिकारियों ने नगर आयुक्त विकास कुमार से मुलाकात कर योजना के संबंध में चर्चा की. नगर आयुक्त ने बताया कि इस योजना की डीपीआर तैयार है, जिसकी स्वीकृति प्रदान की जायेगी. इसको धरातल पर उतारने का कार्य शुरू हो गया है. शहर में सीवरेज नेटवर्क बनाना बहुत बड़ी चुनौती होगी. इसके निर्माण में लंबा समय लगेगा. लेकिन, शहरी क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति नहीं बनेगी. वहीं, बुडको के अधिकारी ने बताया कि आज शहरी क्षेत्र में निर्मित नालियां बारिश के पानी को ले जाने में सक्षम नहीं है. यह घरों से निकलनेवाले गंदे पानी को गंतव्य तक पहुंचाने में भी उतनी कारगर नहीं है, क्योंकि दिन पर दिन बसावटें अधिक हो रही हैं, जिससे इन पर बोझ बढ़ रहा है. ऐसे में हल्की बारिश होने पर ही इन नालियों का पानी सड़कों पर पसर जा रहा है. इस योजना के तहत 22 वार्डों के 33525 घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जायेगा.

बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

शहर का सीवरेज नेटवर्क 205 किलोमीटर में फैला होगा. इन सभी सीवरेज से एक स्थान पर गंदा पानी इकट्ठा किया जायेगा, जो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से होकर गुजरेगा. 25 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता के एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जायेगा. यहां से पानी को ट्रीट कर आसपास के नदियों में छोड़ दिया जायेगा. जो सिंचाई सहित अन्य उपयोग में लाया जा सकता है. फिलहाल शहर का गंदा पानी आसपास के इलाकों में फैल रहा है, जो किसानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. इस पानी से वार्ड संख्या-08 और वार्ड संख्या-07 के किसान ज्यादा परेशान हैं. इन वार्डों में गरमी के दिनों में भी आहर व पइन में पानी भरा रह रहा है, जिससे भारी दुर्गंध आती रहती है.

चार पंपिंग स्टेशन के सहारे निकाला जायेगा कटोरे युक्त मुहल्ले का पानी

शहर के गौरक्षणी, गजराढ़, गोपालगंज और न्यू एरिया जैसे कोटरे युक्त मुहल्ले से नाली का पानी निकालने के लिए चार पंपिंग स्टेशन भी बनाये जायेंगे. इन स्टेशनों से पंप के माध्यम से गंदे पानी को उठाकर आगे के सीवरेज में भेजा जायेगा, ताकि इन मुहल्लों में जलजमाव की स्थिति न बने. इन मुहल्लों का पानी निकालने के लिए फिलहाल पंपसेट लगाये गये हैं, जो यहां के नालियों का पानी रेलवे किनारे बने नालों में डालते हैं.

एनडीए सरकार में ही इस तरह की योजना संभव है : डॉ सचिन

इस तरह की योजना एनडीए सरकार में ही संभव है. किसी अन्य पार्टी के पास इस तरह की सोच ही नहीं है. पहले सफाई अभियान चला. फिर शौचालय दिया. गरीबों को मुफ्त अनाज दिया. अब सासाराम को सीवरेज नेटवर्क देकर सरकार ने अपनी सोच और कार्यशैली को दिखा दिया. इस योजना से शहर का रूप बदल जायेगा. इसका लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिलेगा. इसके लिए एनडीए सरकार को बधाई.

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Published by: Anurag sharan

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