Rohtas Degree College (मो. आरिफ खान): वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (VKSU), आरा से रोहतास जिले के छात्र-छात्राओं और उच्च शिक्षा जगत के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने क्षेत्रांतर्गत आने वाले नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सुचारू रूप से पठन-पाठन एवं प्रशासनिक कार्यों को शुरू करने के लिए कोषेक्षकों (Bursars) की नियुक्ति संबंधी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है.
विश्वविद्यालय द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के सीधे निर्देश के आलोक में लिया गया है. जारी की गई अधिसूचना के तहत रोहतास जिले के पांच नए सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए सासाराम के विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों के सहायक प्रोफेसरों को कोषेक्षक के रूप में अधिकृत किया गया है. ये सभी शिक्षक अपने मूल पद पर बने रहते हुए इस अतिरिक्त जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे.
रोहतास के इन 5 नए कॉलेजों में किसे मिली जिम्मेदारी? देखें सूची:
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, संबंधित कॉलेजों के प्रधानाचार्य अथवा प्रभारी प्राचार्य की अनुशंसा पर इन शिक्षकों को अगले आदेश तक के लिए अधिकृत किया गया है.
- राजकीय डिग्री महाविद्यालय, शिवसागर: इसके लिए श्री शंकर कॉलेज, सासाराम के हिन्दी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ अरुण कुमार पाण्डेय को कोषेक्षक नामित किया गया है.
- राजकीय डिग्री महाविद्यालय, रोहतास: इस कॉलेज के लिए शेरशाह कॉलेज, सासाराम के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ करूणादित्य सिंह को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
- राजकीय डिग्री महाविद्यालय, काराकाट: इसके लिए श्री शंकर कॉलेज, सासाराम के अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ संतोष कुमार भास्कर को अधिकृत किया गया है.
- राजकीय डिग्री महाविद्यालय, संझौली: इसके लिए एसपी जैन कॉलेज, सासाराम के दर्शनशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ सतीश कुमार को कोषेक्षक बनाया गया है.
- राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सूर्यपुरा: इस कॉलेज के लिए एसपी जैन कॉलेज, सासाराम के मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ रंजीत कुमार पाण्डेय को यह अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है.
वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों को मिलेगी गति, सुचारू होगा संचालन
नवनियुक्त कोषेक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी नए कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों के समय पर संचालन के साथ-साथ कॉलेज के वित्तीय लेनदेन, बजट और प्रशासनिक कार्यों के सुचारु निष्पादन में कॉलेज प्रबंधन को पूर्ण सहयोग प्रदान करना होगा.
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय द्वारा सिर्फ रोहतास ही नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के अधीन आने वाले भोजपुर, बक्सर और कैमूर जिलों के भी नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए अलग-अलग प्रोफेसरों को कोषेक्षक नामित किया है.
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस त्वरित पहल से चारों जिलों के नवस्थापित महाविद्यालयों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नियमित रूप से पठन-पाठन प्रारंभ कराने की प्रक्रिया को भारी गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.
