102 डायल कीजिए व 20 मिनट में पाइये निःशुल्क सरकारी एंबुलेंस

SASARAM NEWS.रोहतास जिले को कुल 65 एंबुलेंस उपलब्ध कराये गये हैं. इनमें 63 मरीज वाहन और 2 शव वाहन शामिल हैं. इस सुविधा से मरीजों को समय पर इलाज मिल पा रहा है और मृत्यु दर में भी कमी आयी है.

रोहतास जिले को मिली 65 एंबुलेंस की सुविधा, जच्चा-बच्चा की जान बचाने में निभा रही अहम भूमिका

प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस.

राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है और इसका असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखने लगा है. मरीजों को ससमय स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए अस्पतालों के ढांचे को बेहतर बनाया जा रहा है, साथ ही सरकारी एंबुलेंस सेवा को भी सशक्त किया गया है. इसी कड़ी में रोहतास जिले को कुल 65 एंबुलेंस उपलब्ध कराये गये हैं. इनमें 63 मरीज वाहन और 2 शव वाहन शामिल हैं. इस सुविधा से मरीजों को समय पर इलाज मिल पा रहा है और मृत्यु दर में भी कमी आयी है.

102 टोल फ्री नंबर पर मिल रही निःशुल्क सेवा

सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए अब किसी भी जरूरतमंद को केवल 102 नंबर डायल करना है. कॉल करने के 10 से 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस मरीज के घर पहुंच जाती है. यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है. मरीज को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल पहुंचाने के साथ ही जरूरत पड़ने पर सदर अस्पताल सासाराम या उच्च केंद्र पीएमसीएच तक भी भेजा जाता है. इलाज के बाद मरीज को घर तक छोड़ने की भी व्यवस्था है.

गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए वरदान

उच्च जोखिम वाले प्रसव के मामलों में जच्चा और बच्चा की जान बचाने में एंबुलेंस सेवा निर्णायक साबित हो रही है. सासाराम सदर अस्पताल के एंबुलेंस प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि सभी एंबुलेंस जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत हैं. हर वाहन में ऑक्सीजन सिलिंडर और प्रशिक्षित तकनीशियन मौजूद रहते हैं, जो आपात स्थिति में तुरंत सहायता देते हैं.

इन लोगों को मिलता है निःशुल्क लाभ

सरकारी एंबुलेंस सेवा का लाभ नवजात से लेकर एक वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, प्रसव पीड़ित महिलाओं, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को बिना किसी शुल्क के दिया जाता है.

सभी प्रखंडों में है एंबुलेंस सेवा उपलब्ध

सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने बताया कि एंबुलेंस की सुविधा होने से मरीजों को आपात चिकित्सा समय पर मिल रही है. सभी प्रखंडों में यह सेवा मौजूद है. राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए दो शव वाहन केवल शव ले जाने के लिए उपयोग में लाए जा रहे हैं.

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Published by: Anurag sharan

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