ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से बिगड़ा रसोई का बजट, परिवहन और खेती भी होगी महंगी

SASARAM NEWS.केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी किये जाने से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है. पेट्रोल और डीजल पर तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.

महंगाई का झटका: पेट्रोल-डीजल ₹3 और CNG ₹2 महंगा, आम आदमी बेहाल

चेनारी.

केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी किये जाने से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है. पेट्रोल और डीजल पर तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. वहीं सीएनजी के दाम में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है. ईंधन के दाम बढ़ते ही परिवहन खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है. शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इस फैसले को लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं. आमलोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह बढ़ोतरी किसी बड़े झटके से कम नहीं है. ऑटो चालक, ट्रक संचालक और छोटे व्यवसायियों ने कहा कि डीजल-पेट्रोल महंगा होने से रोज की कमाई प्रभावित होगी. गृहिणियों का कहना है कि रसोई का बजट पहले ही बिगड़ा हुआ है, अब महंगाई और बढ़ेगी. विपक्षी दलों ने भी सरकार के फैसले को जनविरोधी बताते हुए मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग की है.

क्या कहते हैं लोग

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों पर पड़ा है. रोज की कमाई का बड़ा हिस्सा अब तेल में खर्च हो जाता है. किराया बढ़ाने पर यात्री नाराज होते हैं. सरकार को आम लोगों और छोटे वाहन चालकों को राहत देने के लिए कीमतों पर नियंत्रण करना चाहिए.-

प्रिंस कुमार, ऑटो चालक

डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ गयी है. ट्रैक्टर चलाने, सिंचाई और फसल ढुलाई में अधिक खर्च लग रहा है. पहले ही खाद-बीज महंगे हैं, अब डीजल के दाम बढ़ने से किसानों की परेशानी और बढ़ गयी है. सरकार को किसानों के लिए डीजल पर विशेष राहत देनी चाहिए.-

मुनेश्वर

सिंह कुशवाहा, किसान

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर बाजार पर भी दिख रहा है. माल ढुलाई महंगी होने से सामान की कीमतें बढ़ रही हैं. इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. सरकार को महंगाई नियंत्रित करने के लिए ईंधन कीमतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

– विशाल जायसवाल,व्यवसायी

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से घर का बजट फिर बिगड़ जायेगा. सब्जी, राशन और रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से मुश्किलें और बढ़ गयी हैं

. -खुशबू सिंह ,गृहिणी

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने से स्कूल और कॉलेज आने-जाने का खर्च बढ़ जायेगा. बस और अन्य वाहनों का किराया भी बढ़ सकता है. इसका सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों पर पड़ेगा. सरकार को छात्रों और आम लोगों की परेशानी को समझते हुए राहत देनी चाहिए.-

प्रियंका कुमारी,छात्राB

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Author: ANURAG SHARAN

ANURAG SHARAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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