प्रति किसान एक बैग डीएपी व दो बैग यूरिया देने का विभाग ने जारी किया पत्र
सासाराम ग्रामीण.
आगामी खरीफ खेती की तैयारी शुरू होने के साथ ही जिले में खाद की किल्लत की अफवाहों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि खरीफ फसल में खाद की आवश्यकता जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त के प्रथम सप्ताह में पड़ती है, लेकिन किसान अभी से खाद का भंडारण करने में जुट गये हैं. स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले के उर्वरक विक्रेताओं को पत्र जारी कर प्रति किसान एक बैग डीएपी और दो बैग यूरिया ही देने का निर्देश दिया है. इसकी जानकारी जिला कृषि पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने दी.उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों में खाद की कमी की अफवाहों के कारण किसानों में पैनिक बाइंग और भंडारण की स्थिति देखी जा रही है. इस पर नियंत्रण पाने और कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाये हैं.डीएओ ने बताया कि कृषि विभाग और जिला प्रशासन के अनुसार खाद की कमी को लेकर केवल अफवाहें फैलायी जा रही हैं, जबकि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के अप्रैल और मई माह में करीब 500 एमटी खाद का वितरण हुआ था, जबकि वर्ष 2026 के अप्रैल और मई माह में अब तक करीब 1050 एमटी यूरिया का वितरण किया जा चुका है.उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए 12 मई को पत्र जारी कर सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि एक किसान को एक बार में दो बैग यूरिया और एक बैग डीएपी से अधिक खाद नहीं दिया जाये.खाद की उपलब्धता और वितरण केंद्रों की जानकारी के लिए किसान बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं.उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत जिला कृषि कार्यालय में दर्ज करायी जा सकती है.