Sasaram News : आलमपुर में झोलाछाप डॉक्टर बंद करा रहे मेडिकल दुकान

जिले के बड़ी आबादी वाले गांवों में शामिल आलमपुर व आसपास के गांवों के हजारों लोगों को दवा की किल्लत से जूझना पड़ रहा है.

शिवसागर. जिले के बड़ी आबादी वाले गांवों में शामिल आलमपुर व आसपास के गांवों के हजारों लोगों को दवा की किल्लत से जूझना पड़ रहा है. आलम यह है कि सर्दी बुखार तक की दवा भी आलमपुर बाजार के मेडिकल दुकानदार नहीं दे रहे हैं. बड्डी थाना क्षेत्र के आलमपुर बाजार में पिछले दिनों छापेमारी कर तीन अवैध अस्पतालों को सील किया गया था. इसके विरोध में झोलाछाप ग्रामीण चिकित्सकों ने अब बाजार के मेडिकल दुकानों को भी बंद कराना शुरू कर दिया है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग न तो मान्यता प्राप्त मेडिकल दुकानों को खोलने की पहल कर रहा है और न ही इसकी जांच कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आलमपुर बाजार में रात दिन छापेमारी कर अवैध रूप से चल रहे अस्पताल, नर्सिंग होम व पैथोलॉजी जांच घर के खिलाफ कार्रवाई की थी. इसमें तीन दुकानों को सील किया गया था. जबकि, अभी भी कई मेडिकल व नर्सिंग होम अवैध रूप से बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं. उक्त गांव निवासी रविशंकर सिंह ने बताया कि सरकार के स्तर से जिले के सबसे बड़े गांव में स्वास्थ्य सुविधा की अब तक पर्याप्त व्यवस्था नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. आलमपुर बाजार में करीब 50 मेडिकल दुकानें व नर्सिंग होम संचालित है. इनमें से अधिकतर बिना मान्यता प्राप्त हैं. ऐसे में ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी मेडिकल दुकानों व नर्सिंग होम की जांच करायी जाये. उधर, आलमपुर बाजार संघ के अध्यक्ष सौरभ सिंह कहते हैं कि प्रशासन मान्यता प्राप्त दुकानों को हर हाल में खुलवाना सुनिश्चित करे. उन्होंने कहा कि दवा के अभाव में आसपास के करीब 30 गांव के लोगों को परेशानी हो रही है. सिविल सर्जन व डीएम से उन्होंने जांच कराने व गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र के बेहतर संचालन की मांग की है. उधर, आलमपुर गांव निवासी प्रकाश कुमार, किसान राम, मुन्ना सिंह, धनजी पासवान आदि का कहना है कि आलमपुर के काली मंदिर के समीप बने स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम तो आती हैं, लेकिन उनके बूते इतनी बड़ी आबादी का इलाज संभव ही नहीं है. आलमपुर बाजार वार्ड आठ के अंतर्गत आता है, इस कारण वार्ड सदस्य विशाल कुमार सिंह ने भी सरकार व प्रशासन से मांग की है कि गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर करने के लिए कम से कम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की है.

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