जिले में उपभोक्ताओं की संख्या पता नहीं, फिर भी पर्याप्त सिलिंडर उपलब्ध होने का दावा

प्रेसवार्ता में डीएसओ नहीं दे सके कई सवालों के जवाब, जिले में उपलब्ध हैं 10313 सिलिंडर

जांच में फिलहाल दोषि नहीं पाये गये हैं अवध बिहारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशासन के साथ मिलकर कालाबाजारी पर लगा रहे रोक नंबर लगाने के अधिकतम चार दिनों के अंदर घर पर मिलेगा सिलिंडर कई वितरकों ने शुरू की सिलिंडरों की होम डिलीवरी फोटो-18- डीआरडीए सभागार में प्रेस वार्ता में शामिल अधिकारी प्रतिनिधि, सासाराम नगर जिले में एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की बात कह रहा है. प्रतिदिन उपलब्ध एलपीजी सिलिंडरों की संख्या भी बतायी जा रही है. मंगलवार को एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता बताने के लिए ही डीआरडीए सभागार में प्रेसवार्ता आयोजित की गयी. इसमें जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) शशि शंकर से पूछा गया कि जिले में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या कितनी है? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेरे पास इसकी जानकारी नहीं है, तो ऐसे में उपलब्ध 10313 सिलिंडर कैसे पर्याप्त हैं? इसका भी जवाब वह नहीं दे सके. फिर भी उन्होंने कहा कि प्रशासन अपने स्तर से कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के प्रयास में जुटी है. करीब चार एजेंसियों को शोकॉज किया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि होम डिलिवरी कई एजेंसियों ने शुरू कर दी है. अब उपभोक्ताओं को गोदाम पर आने की जरूरत नहीं है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ आइओसीएल के क्षेत्रीय सेल्स प्रबंधक अवध बिहारी शरण भी मौजूद थे, जिनके विरुद्ध सिलिंडर कालाबाजारी की जांच चल रही है. वे बीच बचाव करने उतड़ पड़े. उन्होंने कहा कि घरेलू सिलिंडरों की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है. सभी एजेंसियों को ससमय उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि होम डिलिवरी शुरू हो गयी है. नंबर लगाने के अधिकतम चार दिनों के अंदर उपभोक्ताओं को सिलिंडर दे देना है. जांच में अब तक नहीं पाये गये दोषी: आइओसीएल के अवध बिहारी शरण पर घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी का आरोप लगा था, जिसकी जांच के लिए डीएम उदिता सिंह ने डीएसओ शशि शंकर के अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनायी थी और तीन दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. इस कमेटी में एसडीएम सासाराम और एसडीपीओ सासाराम को सदस्य के रूप में रखा गया था. इस कमेटी की रिपोर्ट, तो नहीं आयी. लेकिन, डीएसओ के साथ अवध बिहारी शरण दिखे. इस संबंध में डीएसओ से पूछा गया कि जांच रिपोर्ट में क्या आया है? तो वह कुछ भी बताने से इन्कार करते रहे और कहा कि जांच चल रही है. अब तक दोषी नहीं पाये गये हैं.

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By PANCHDEV KUMAR

PANCHDEV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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