दलित बस्तियों में सुविधाओं के अभाव पर खेत मजदूर किसान सभा का प्रदर्शन
एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद दिशा की बैठक में पहुंचे प्रदर्शनकारी, सौंपा ज्ञापन
एआइकेएमएस के लोगों ने कलेक्ट्रेट में सांसद व विधायकों का किया घेराव
दलित-महादलित बस्तियों को विकास योजनाओं से जोड़ने की उठी पुरजोर मांग
एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद दिशा की बैठक में पहुंचे प्रदर्शनकारी, सौंपा ज्ञापन
फोटो-3- सड़क पर प्रदर्शन करते एआइकेएमएस के सदस्य. ए- प्रदर्शनकारियों से वार्ता करतीं एसडीएम, एसडीपीओ-1 व अन्य.
प्रतिनिधि, सासाराम सदर
जिला की दलित बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और विकास योजनाओं की पहुंच न होने के खिलाफ अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा (एआइकेएमएस) ने बुधवार को शहर में जोरदार प्रदर्शन किया. इसकी अध्यक्षता एआइकेएमएस के प्रांतीय सचिव काॅमरेड अशोक बैठा ने की. सभा के नेताओं ने सबसे पहले शहर के पुरानी जीटी रोड पर हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर विभिन्न नारों के साथ विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान सासाराम एसडीएम डॉ नेहा कुमारी और एसडीपीओ-1 दिलीप कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को ”दिशा” की बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और डीएम से मिलने का सुझाव दिया. एसडीएम के आग्रह पर संघ के नेता कलेक्ट्रेट स्थित डीआरडीए सभागार पहुंचे. वहां बैठक में शामिल सांसद राजाराम कुशवाहा, मनोज कुमार, विधायक सोनू कुमार सिंह, वशिष्ठ सिंह, अरुण सिंह, एमएलसी प्रो अशोक कुमार पांडेय और निवेदिता सिंह का घेराव कर मांगों का ज्ञापन सौंपा.
80 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित समुदाय
ज्ञापन सौंपने के बाद सभा को संबोधित करते हुए प्रांतीय सचिव अशोक बैठा ने कहा कि आजादी के आठ दशक बीतने के बाद भी सरकारों ने मुसहर, मेसतर और डोम समुदाय की बस्तियों में विकास कार्य नहीं किया है. इन टोला के लोग आज भी आवास, राशन कार्ड, विधवा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, पक्की सड़क और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि दलित-महादलित समाज के लिए न विद्यालय हैं और न ही चिकित्सा की व्यवस्था. भूमि के अभाव में लोग दशकों से बदहाली में गुजर-बसर कर रहे हैं.
नेताओं पर साधा निशाना:
बैठक में नेताओं ने आरोपित किया कि दलितों के नाम पर राजनीति करने वाले नेता सत्ता का सुख भोग रहे हैं, जबकि एससी-एसटी समुदायों के गांव विकास से कोसों दूर हैं. जिला कमेटी सदस्य काॅमरेड राहुल सम्राट ने कहा कि सरकार विकास योजनाओं की राशि में लूट मचाये हुए है और गरीबों के हक-अधिकार छीने जा रहे हैं. सभा को शिवनारायण माझी, शंकर मांझी, राजगीर मांझी, विकास राम, दुलार पासवान, नन्हकू, मुन्ना खरवार, संतोष पासवान, उर्मिला कुंवर, साधु जी, यदुनंदन सिंह, देवकी भुइया, राजधानी भुइया, कमली देवी, हीरा देवी, कलावती देवी, फूला देवी, देवंती देवी, राहुल सम्राट, सोनु दबंग, जॉन, श्यामसुंदर पाल और बाबूधन आदि ने संबोधित किया. यह प्रदर्शन शाम तक चलता रहा और मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गयी.