Rohtas News : बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं कॉलेज शिक्षक महासंघ (फूटाब) के अध्यक्ष तथा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (वकुटा) के संरक्षक प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा के निधन पर बुधवार को राजकीय डिग्री कॉलेज, शिवसागर में शोकसभा का आयोजन किया गया. इस दौरान शिक्षकों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.
शिक्षक समाज के लिए अपूरणीय क्षति
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा का निधन शिक्षक समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि शिक्षक हितों के लिए उनके जैसा समर्पित, संघर्षशील और दूरदर्शी नेतृत्व मिलना दुर्लभ है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.
शिक्षक अधिकारों की लड़ाई में निभाई अग्रणी भूमिका
कॉलेज के कोषाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने प्रो. सिन्हा को प्रखर वक्ता और शिक्षक हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले जुझारू नेता के रूप में याद किया. वहीं डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने कहा कि जेपी आंदोलन से उभरे प्रो. सिन्हा ने महाराजा कॉलेज, आरा से अपने शिक्षक जीवन की शुरुआत की थी और जीवनभर शिक्षक अधिकारों की लड़ाई का नेतृत्व किया. उन्होंने कई महत्वपूर्ण शिक्षक आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई.
मेदांता अस्पताल में हुआ निधन
शोकसभा में बताया गया कि चार अगस्त की देर रात पटना स्थित मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा का निधन हो गया. वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे.
ये रहे उपस्थित
शोकसभा में बड़ा बाबू कौशल किशोर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर मो. आरिफ खान सहित कॉलेज के शिक्षक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
