बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे निजी स्कूल हो सकते हैं बंद, लग सकता है एक लाख तक का जुर्माना

SASARAM NEWS.जिले में बिना प्रस्वीकृति (रजिस्ट्रेशन) संचालित निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी हो गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान ने संयुक्त रूप से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने प्रखंड में बिना प्रस्वीकृति संचालित निजी स्कूलों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध करायें.

जिले में 70 से 80 स्कूल अब भी बिना प्रस्वीकृति के संचालित, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दिया कार्रवाई का निर्देश

फोटो-3- जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयप्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस.

जिले में बिना प्रस्वीकृति (रजिस्ट्रेशन) संचालित निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी हो गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान ने संयुक्त रूप से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने प्रखंड में बिना प्रस्वीकृति संचालित निजी स्कूलों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध करायें. गौरतलब हो कि जिले में करीब 420 निजी स्कूल प्रस्वीकृति लेकर संचालित हो रहे हैं, जबकि अब भी 70 से 80 स्कूल बिना प्रस्वीकृति के ही चल रहे हैं. यही स्कूल अब प्रशासन के निशाने पर हैं. इस संबंध में डीइओ मदन राय ने बताया कि बच्चों के मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीइ एक्ट) की धारा 18 के तहत कोई भी स्कूल सक्षम प्राधिकार से प्रस्वीकृति प्रमाणपत्र प्राप्त किये बिना संचालित नहीं हो सकता. यह कानून एक अप्रैल 2010 से प्रभावी है. वर्तमान में निजी स्कूलों की प्रस्वीकृति के लिए इ-संबंधन पोर्टल पर आवेदन किया जाना अनिवार्य है. इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा 18(5) और 19(5) के अंतर्गत दोषी व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं, निर्धारित तिथि के बाद भी बिना प्रस्वीकृति स्कूल संचालित रहने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी देना पड़ सकता है. इससे संबंधित विभागीय अधिसूचना संख्या 771 दिनांक 19 जून 2013 को निर्गत है.

बिना प्रस्वीकृति कोई भी निजी स्कूल संचालित नहीं हो सकता

डीइओ ने स्पष्ट किया है कि बिना प्रस्वीकृति कोई भी निजी स्कूल संचालित नहीं हो सकता और इसे सुनिश्चित करना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है. ऐसे में जिन निजी स्कूलों ने अभी तक प्रस्वीकृति नहीं करायी है, उन्हें जल्द से जल्द इ-संबंधन पोर्टल पर आवेदन कर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा.

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Author: ANURAG SHARAN

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