शाहबाज हत्याकांड के अभियुक्तों में वकील व अंशु को ढूंढ़ रही पुलिस

शहर के सागर मुहल्ला में 18 मई को हुई शाहबाज आलम हत्याकांड में शामिल नौ मुख्य Sasaram news. अभियुक्तों में वकील राम और अंशु कुमार अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं

18 मई को सागर मुहल्ले में हुई हत्या के नौ आरोपितों में से अब तक सात की हो चुकी है गिरफ्तार

हत्याकांड के बाद पुलिस पर हमला मामले में हो रही कार्रवाई : एसपी

प्रतिनिधि, सासाराम कार्यालय

शहर के सागर मुहल्ले में 18 मई को हुए शाहबाज आलम हत्याकांड में शामिल नौ अभियुक्तों में वकील राम और अंशु कुमार अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं. इन दोनों को पुलिस ढूंढ़ रही है, जबकि इस कांड में अब तक सात अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसके अलावा हत्याकांड से आक्रोशित भीड़ द्वारा पुलिस पर हमला करने के मामले में बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है. इस संबंध में एसपी रौशन कुमार ने कहा कि वकील राम और अंशु कुमार की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है. जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि हत्याकांड की जांच में लगी पुलिस पर स्थानीय लोगों ने हमला किया था. इस कांड में लगभग लोगों को चिह्नित कर लिया गया है. उनके विरुद्ध भी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. पुलिस सूत्रों की मानें, तो इस कांड में पुलिस ने दो दर्जन से अधिक लोगों को चिह्नित किया है, जिनकी गिरफ्तारी जल्द ही हो सकती है.

18 मई को पुलिस ने नाले से बरामद किया था शव

गौरतलब है कि सात दिनों से लापता सासाराम नगर थाना क्षेत्र के सागर मुहल्ला निवासी इब्राहिम गद्दी के 21 वर्षीय बेटे शाहबाज आलम का शव 18 मई 2025 को पुलिस ने मुहल्ले के एक नाले से बरामद किया था. युवक की हत्या पत्थर से कुचल कर की गयी थी. हत्या के आरोप में पुलिस ने चार आरोपितों शहर के दलेलगंज निवासी राहुल कुमार, विक्रम कुमार उर्फ टमाटर, सागर मुहल्ला निवासी दिलशाद गद्दी और औरंगाबाद थाना क्षेत्र के पवई गांव निवासी रामाशीष बघेल के 19 वर्ष पुत्र बिट्टू बघेल को गिरफ्तार किया था. इन चारों की निशानदेही पर शाहबाज का शव बरामद हुआ था. इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल नौ युवकों को आरोपित बनाया था. इनमें शामिल राहुल कुमार पिता संतोष चौधरी, लवकुश बघेल और छट्टू चौधरी को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया था. इस कांड के दो और आरोपित वकील राम और अंशु कुमार अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी का प्रयास पुलिस कर रही है.

दुष्कर्म बना था मौत का कारण

अगर शाहबाज और दिलशाद एक महिला के साथ दुष्कर्म में नहीं फंसते, तो शाहबाज की जान बच सकती थी. इसका खुलासा मृतक शाहबाज के दोस्त और हत्याकांड के आरोपितों में से एक राहुल कुमार ने किया था. उसने बताया था कि 13 मई 2025 को विक्रम कुमार उर्फ टमाटर ने अपने घर के पास ताड़ी पीने के लिए राहुल, बिट्टू व अन्य तीन लड़कों को बुलाया था. उसी समय शाहबाज आलम व दिलशाद गद्दी पहुंचे. दोनों ने अपने को भी पार्टी में शामिल करने को कहा. इन्कार करने पर मारपीट हो गयी. फिर, शाहबाज व दिलशाद वहां से भाग निकले. दोनों को ढूंढने के लिए अन्य सभी निकले, तो एक सुनसान जगह पर दिलशाद एक महिला के साथ दुष्कर्म करता पाया गया, जिसे शाहबाज ने पकड़ रखा था. उसका पीछा करते हुए आये युवक दोनों को पकड़ पिटाई करने लगे. इसी बीच शाहबाज ने ज्यादा विरोध किया, तो बगल में पड़े एक पत्थर से उसके सिर व सीने पर वार कर दिया, जिससे शाहबाज की मृत्यु हो गयी थी. मृत्यु के बाद सभी ने मिलकर शाहबाज के शव को छिपाने के लिए बगल में स्थित एक नाले में फेंक दिया था.

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Published by: Anurag sharan

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