सासाराम कार्यालय. नवरात्र के पहले दिन सोमवार, 22 सितंबर से दशहरा तक शहर में कोई भूखा नहीं रहेगा. जय बाबा बर्फानी, भूखे को अन्न प्यासे को पानी संस्थान 18वें वर्ष दशहरा के दौरान प्रत्येक दिन महाप्रसाद का वितरण करेगा. इसकी तैयारी संस्थान ने लगभग पूरी कर ली है. तैयारी को अंतिम रूप देते संस्थान के संतोष यादव, सरदार अजीत सिंह, विजय कुमार गुप्ता, सुशील गोंड, राहुल शर्मा, हीरा यादव, गुड्डू विश्वकर्मा, संजय गुप्ता, नीरज महतो उर्फ बुढ़ा आदि ने बताया कि वर्ष 2008 से दशहरा के दौरान नवरात्र के पहले दिन से दशमी तक महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम होता रहा है. यह 18वां वर्ष है. प्रतिदिन तीन से चार हजार लोग यहां प्रसाद ग्रहण करने आते हैं. सदस्य राम प्रवेश केसरी ने बताया कि प्रतिदिन चावल, दाल व सब्जी का मां दुर्गा को भोग लगाने के बाद 12 बजे दिन से मंदिर परिसर में बैठाकर लोगों को प्रसाद परोसा जाता है. महाप्रसाद पकाने के लिए सामग्री रखी जा चुकी है. सब्जी काटने का कार्य रात में शुरू होगा. सुबह चार बजे चूल्हा जलेगा और 11 बजे तक भोजन तैयार किया जायेगा. उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद नवरात्र के दौरान नर सेवा का ख्याल मन में आया था. अपने साथियों से विचार विमर्श के बाद जो सिलसिला शुरू हुआ, मां दुर्गा और बाबा बर्फानी के आशीर्वाद से वह अब तक नहीं रुका है. सबसे बड़ी बात है कि हम लोगों को महाप्रसाद के लिए किसी से कुछ मांगना नहीं पड़ता है. लोग श्रद्धा से अभिभूत होकर महाप्रसाद के लिए सामग्री स्वयं ही पहुंचा देते हैं. इस बार दशहरा 11 दिनों का है. अंतिम दिन महाप्रसाद में खिचड़ी परोसा जाता है.
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