Rohtas News : 100-दिन टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत शुक्रवार को सदर अस्पताल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान 60 टीबी मरीजों के बीच निक्षय पोषण योजना के तहत फूड बास्केट यानी पोषण किट का वितरण किया गया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने और उपचार के दौरान पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दी.
टीबी उपचार में पोषण की अहम भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने कहा कि टीबी के उपचार में दवाओं के साथ बेहतर पोषण भी बेहद जरूरी है. शरीर को पर्याप्त पोषण मिलने से मरीजों को बीमारी से उबरने में मदद मिलती है. सरकार का उद्देश्य पोषण सहायता उपलब्ध कराकर टीबी मरीजों को जल्द स्वस्थ करना और जिले को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को प्रभावी बनाना है.
उपचार बीच में बंद नहीं करने की अपील
सिविल सर्जन ने कहा कि टीबी पूरी तरह इलाज योग्य बीमारी है. मरीज चिकित्सकों की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा लें और उपचार को बीच में बंद नहीं करें. इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क करने की अपील की गई.
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक अजय कुमार सिंह, संचारी रोग अधिकारी डॉ. राजीव रंजन, जिला समन्वयक (डीपीसी) संजीव मधुकर, जिला लेखा प्रबंधक, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके पुष्कर, पूनम कुमारी समेत टीबी विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
