Sasaram Jail Mental Health Camp : रोहतास के मंडलकारा सासाराम में शुक्रवार को जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया. शिविर में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य की जांच की गई और उन्हें तनाव, अवसाद तथा अन्य मानसिक समस्याओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई.
Rohtas News : बंदियों की हुई जांच और काउंसिलिंग
शिविर की अध्यक्षता जेल चिकित्सक डॉ. कुमार जन्मेजय ने की. इस दौरान जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई, सदर अस्पताल सासाराम से पहुंचे वरिष्ठ क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. विप्लव कुमार सिंह ने बंदियों की मानसिक स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी काउंसिलिंग भी की.
नियमित दवा और परामर्श को बताया जरूरी
डॉ. विप्लव कुमार सिंह ने कहा कि मानसिक रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए मनोचिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं का नियमित सेवन आवश्यक है. इसके साथ ही मनोवैज्ञानिक परामर्श और व्यवहारिक प्रबंधन भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे मरीज तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं.
भावनाएं साझा करने की दी सलाह
उन्होंने कहा कि अवसाद की स्थिति में व्यक्ति को खुद को समाज से अलग नहीं करना चाहिए. परिवार, मित्रों या आसपास के लोगों से खुलकर बातचीत करनी चाहिए और अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय साझा करना चाहिए. जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेने से समस्याओं की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
व्यायाम और सकारात्मक सोच पर दिया जोर
विशेषज्ञों ने बंदियों को नियमित व्यायाम करने, हल्के-फुल्के कार्यों में व्यस्त रहने और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि ये आदतें तनाव और अवसाद से बचाव में प्रभावी भूमिका निभाती हैं.
आगे भी लगेंगे जागरूकता शिविर
जेल अधिकारियों ने कहा कि बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस तरह के मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे.
