Rohtas News : रोहतास जिले के सासाराम में मंगलवार को लोक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण, केंद्रीकरण, सांप्रदायिकीकरण तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर कथित हमलों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रतिरोध मार्च निकाला गया. मार्च में छात्र, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए.
शहर की सड़कों पर निकला प्रतिरोध मार्च
प्रतिरोध मार्च कुशवाहा सभा भवन से शुरू होकर धर्मशाला चौक, पोस्ट ऑफिस चौक और कचहरी मोड़ होते हुए समाहरणालय पहुंचा. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद की.
'निजीकरण से छात्रों का भविष्य प्रभावित'
सभा को संबोधित करते हुए लोक संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष पप्पू कुमार सोनी ने कहा कि उच्च शिक्षा में बढ़ते निजीकरण, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. उन्होंने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान किए जाने की मांग की.
पेपर लीक और परीक्षा पारदर्शिता का मुद्दा उठा
मोर्चा के महासचिव संजय वैश्य 'समाजवादी' ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान होना चाहिए. वहीं वरिष्ठ शिक्षक नागेंद्र श्रीवास्तव ने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
शिक्षा सुधार और छात्रों के अधिकारों पर दिया जोर
सभा को दिनेश सिंह, काशी नाथ प्रेमी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे.
