Yogiya Murder Case: रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के भुई पंचायत अंतर्गत योगिया गांव में मजदूर चंदेश्वर चौधरी हत्याकांड में 36 घंटे बाद पुलिस को शव बरामद करने में सफलता मिली. गुरुवार को मुख्य आरोपी अजीत तिवारी की निशानदेही पर सुरतापुर गांव के समीप नहर में शव की तलाश शुरू की गयी. एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर पहले नहर का पानी कम कराया गया. इसके बाद स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने करीब 10 बजे कड़ी मशक्कत के बाद नहर से चंदेश्वर चौधरी का शव बरामद कर लिया. शव को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की और अन्य कानूनी कार्रवाई में जुट गयी.
आरोपी की निशानदेही पर शुरू हुई शव की तलाश
मुख्य आरोपी अजीत तिवारी को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शव के नहर में होने की आशंका जतायी और सुरतापुर के समीप सर्च ऑपरेशन शुरू कराया. नहर में पानी अधिक होने के कारण पहले उसका जलस्तर कम कराया गया. इसके बाद स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया. काफी देर तक चले अभियान के बाद चंदेश्वर चौधरी का शव नहर से बरामद किया गया.
बकाया मजदूरी लेने गये थे चंदेश्वर, बेटे ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक के पुत्र दीपक चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. दीपक के अनुसार, उनके पिता अजीत तिवारी के यहां बकाया मजदूरी की रकम लेने गये थे. उनके साथ गांव के केदार चौधरी भी मौजूद थे. आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद अजीत तिवारी ने चंदेश्वर चौधरी के साथ मारपीट शुरू कर दी. स्थिति बिगड़ने पर केदार चौधरी वहां से भाग निकले, जबकि अजीत तिवारी ने चंदेश्वर को गोली मार दी. इसके बाद शव को अपनी गाड़ी में रखकर वहां से फरार होने का आरोप लगाया गया है.
चार साल से कर रहे थे काम, इसी साल छोड़ दिया था
दीपक चौधरी का दावा है कि उनके पिता पिछले चार वर्षों से अजीत तिवारी के यहां सालाना मजदूरी पर काम करते थे. इस वर्ष खेती शुरू होने से पहले कथित तौर पर दुर्व्यवहार से परेशान होकर उन्होंने वहां काम छोड़ दिया और योगियां गांव के ही दूसरे व्यक्ति के यहां मजदूरी करने लगे. दीपक के अनुसार, अजीत तिवारी पर उनके पिता की करीब 50 से 60 हजार रुपये की मजदूरी बकाया थी. मजदूरी का पैसा दिलाने की बात जब कई लोगों के बीच उठायी गयी, तो आरोपी नाराज हो गया.
पैसे लेने के बहाने बुलाने का आरोप
मृतक के पुत्र का आरोप है कि बकाया मजदूरी का भुगतान करने के बहाने उनके पिता को अजीत तिवारी ने अपने पास बुलाया था. वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर यह कहते हुए विवाद किया कि उनका बेटा उसके खिलाफ ज्यादा बोलने लगा है. इसके बाद मारपीट और गोली मारने की घटना हुई. हालांकि, ये आरोप मृतक के पुत्र की ओर से लगाये गये हैं. पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है.
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
पुलिस के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. मृतक के परिजनों की ओर से लगाये गये आरोपों को भी जांच के दायरे में रखा गया है. शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जबकि घटनास्थल, शव को नहर में फेंके जाने की परिस्थितियों और हत्या से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
हत्या के बाद गांव में तनाव, सुरक्षा बढ़ायी गयी
चंदेश्वर चौधरी की हत्या के बाद योगियां गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है. घटना के बाद आक्रोशित लोगों की ओर से आरोपी के घर और वाहनों में आगजनी की घटना भी सामने आयी थी. इसके बाद पुलिस ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. शव बरामद होने के बाद अब पुलिस की जांच हत्या की पूरी परिस्थितियों, घटना में शामिल लोगों और शव को नहर तक पहुंचाने के तरीके पर केंद्रित है.
