Rohtas News : भारतीय किसान संघ दक्षिण बिहार प्रांत कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन रविवार को किसानों की समस्याओं और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में किसानों के राजस्व संबंधी मामलों, दाखिल-खारिज, परिमार्जन समेत अन्य कार्यों में आ रही परेशानियों को प्रमुखता से उठाया गया. समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की रूपरेखा पर भी विचार किया गया. संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया.
किसानों को लागत के आधार पर मिले उपज का लाभकारी मूल्य
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के प्रति कुलाधिपति गोविन्द नारायण सिंह ने कहा कि भारतीय किसान संघ का प्रमुख उद्देश्य किसानों को उनकी उत्पादन लागत के आधार पर उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना है. उन्होंने कहा कि खाद-बीज, बिजली और सिंचाई के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने, फसल क्षति का उचित मुआवजा दिलाने तथा भूमि राजस्व और अधिकार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहा है. किसान शक्ति मजबूत होगी, तभी किसानों का वास्तविक कल्याण संभव है.
गांव और पंचायत स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि किसान शक्ति जितनी मजबूत होगी, किसानों का कल्याण उतने ही प्रभावी तरीके से संभव होगा. उन्होंने संगठन को गांव और पंचायत स्तर तक मजबूत करने तथा अधिक से अधिक किसानों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने के लिए जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाना जरूरी है.
राजस्व कार्यों में शुल्क वसूली पर जताई नाराजगी
बैठक में अंचल और पंचायत स्तर पर दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा अन्य राजस्व कार्यों के लिए किसानों से लिए जा रहे शुल्क पर पदाधिकारियों ने नाराजगी जतायी. वक्ताओं ने अनावश्यक शुल्क वसूली पर रोक लगाने और भ्रष्टाचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई की मांग की. किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों में होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए संगठन स्तर से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई.
17 सितंबर को गांव-गांव मनाई जाएगी बलराम जयंती
बैठक में निर्णय लिया गया कि 17 सितंबर को भगवान बलराम जयंती ग्राम स्तर पर मनाई जाएगी. इसके लिए संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को गांव-गांव कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी. वहीं, 30 सितंबर को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले किसान महिला दिवस कार्यक्रम में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति भी तैयार की गई.
2027 में चलेगा व्यापक सदस्यता अभियान
भारतीय किसान संघ ने संगठन के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया. वर्ष 2027 के पहले सप्ताह में व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. क्षेत्र संगठन मंत्री हेमराज जी ने कहा कि किसान सभी का पेट भरते हैं, लेकिन आज वही उपेक्षित हैं. लागत के अनुरूप उपज का मूल्य नहीं मिलने के कारण किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है. उन्होंने किसानों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया.
किसानों को संगठन से जोड़कर मजबूत होगा प्रांत
प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत ने कहा कि आगामी वर्ष को सदस्यता वर्ष के रूप में मनाया जाएगा. अधिक से अधिक किसानों को संगठन से जोड़कर प्रांत को मजबूत किया जाएगा. उन्होंने संगठन की गतिविधियों को पंचायत और गांव स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया.
कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री रणजीत सिंह, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. मंच संचालन प्रांत मंत्री अशोक शर्मा ने किया. बैठक में दक्षिण बिहार के 17 जिलों के प्रतिनिधियों समेत करीब 125 सदस्य शामिल हुए.
