करगहर (रोहतास). प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में बिना मानक और पंजीकरण के धड़ल्ले से चल रहे अवैध निजी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड केंद्रों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है. जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष धावा दल ने मंगलवार को करगहर प्रखंड मुख्यालय स्थित दो निजी अस्पतालों और दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर औचक छापेमारी की. जांच के दौरान संचालक क्लीनिक और जांच उपकरणों के संचालन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या निबंधन पत्र अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके. इस पर प्रशासनिक टीम ने सभी संचालकों को 24 घंटे के अंदर वैध कागजात प्रस्तुत करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है.
24 घंटे में दस्तावेज नहीं दिए तो सील होंगे अस्पताल
छापेमारी दल का नेतृत्व कर रहे प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अजित कुमार ने दो-टूक कहा कि यदि निर्धारित 24 घंटे की समयसीमा के भीतर संबंधित संचालकों द्वारा वैध दस्तावेज और पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए, तो इन सभी अवैध केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा. साथ ही संचालक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी.
प्रशासन को लंबे समय से गुप्त सूचना मिल रही थी कि मुख्यालय में तीन दर्जन से अधिक क्लीनिक और पैथोलॉजी जांच घर अवैध रूप से संचालित हैं, जहां मानकों की अनदेखी के चलते आए दिन मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है और परिजनों का हंगामा होता है. इसके अलावा अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मोटी रकम लेकर अवैध लिंग परीक्षण की भी शिकायतें मिल रही थीं.
छापेमारी से मची भगदड़, शटर गिराकर भागे संचालक
प्रशासनिक टीम की औचक दबिश की भनक लगते ही पूरे करगहर बाजार में हड़कंप मच गया. प्रखंड मुख्यालय में संचालित जनता अस्पताल, महिला अस्पताल, पटेल अल्ट्रासाउंड एवं पटेल अल्ट्रासाउंड-2 की टीम ने गहन जांच की. छापेमारी की खबर फैलते ही आसपास के अन्य निजी अस्पतालों, जांच घरों और पैथोलॉजी केंद्रों के संचालक अपने-अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए.
जारी रहेगा अभियान: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविकांत केशरी ने बताया कि जिला प्रशासन से मिले सख्त आदेश के आलोक में यह कार्रवाई की गई है. जांच किए गए दोनों अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग और पीसीपीएनडीटी एक्ट (PNDT Act) के न्यूनतम मानक भी पूरे नहीं पाए गए. उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध और फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. छापेमारी दल में बीडीओ अजित कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविकांत केशरी, थानाध्यक्ष रामचंद्र चौपाल, सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार सहित भारी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी और पुलिस बल के जवान मौजूद रहे.
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