रात के अंधेरे में जमीन में दफन हो गया राज, सुबह गौरक्षक बना लूट का आरोपित

Sasaram news. विवार की रात एक मामूली लगने वाली घटना ने सोमवार सुबह एक रहस्यमय मोड़ ले लिया. गौ तस्करी की सूचना देने वाले गौरक्षा समिति के सदस्य रामजी पांडेय उर्फ बड़क बाबा को रात की घटना के कुछ ही घंटों बाद लूटकांड का आरोपित बना दिया गया.

काराकाट थाना क्षेत्र में रविवार की रात घटी है रहस्य, आरोप और आक्रोश की घटनाफोटो-21-लोरीबांध बाल पर रातों-रात उभरे गड्ढे और मिट्टी को निहारते लोग. प्रतिनिधि, बिक्रमगंज

रविवार की रात एक मामूली लगने वाली घटना ने सोमवार सुबह एक रहस्यमय मोड़ ले लिया. गौ तस्करी की सूचना देने वाले गौरक्षा समिति के सदस्य रामजी पांडेय उर्फ बड़क बाबा को रात की घटना के कुछ ही घंटों बाद लूटकांड का आरोपित बना दिया गया. इसी के साथ शुरू हुआ सवालों का सिलसिला, जिसका केंद्र बना लोरीबांध गांव के पास जेसीबी से खोदा और फिर ढका गया एक रहस्यमयी गड्ढा. घटना रविवार रात करीब 11 बजे की बतायी जा रही है, जब गौरक्षा समिति के सदस्यों ने बिक्रमगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास हड्डी लदे एक पिकअप वाहन को रोकने की कोशिश की. बताया जाता है कि चालक वाहन लेकर भाग निकला, लेकिन बाद में उसे मोथा पेट्रोल पंप के पास पकड़ लिया गया. समिति के सदस्यों ने वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक मामला उलझ चुका था. इसके थोड़ी देर बाद गोड़ारी में एक और पिकअप पकड़ा गया, जिसमें ग्रामीणों के अनुसार चमड़ा और प्रतिबंधित मांस लदा था. पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लिया और गश्ती दल मौके से लौट गया. वहीं, सुबह घटना की जानकारी लेने पहुंचे स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अपनी लापरवाही छुपाने के लिए रामजी पांडेय को बलि का बकरा बना रही है. भाजपा नेता बलिराम मिश्रा ने मामले की जानकारी एसपी और डीएम को दी है. प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है. अब पूरा इलाका इसी सवाल में उलझा है, क्या गौरक्षक सचमुच दोषी है, या फिर सिस्टम की साजिश का शिकार? क्या लोरीबांध के नीचे दफन राज बाहर आयेगा? और क्या पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों के जवाब मिल पायेंगे?

अचानक आरोपित बन गया गौरक्षक

सोमवार सुबह जमुई जिले के महिसौड़ी निवासी पिकअप चालक मो सेनुल के बयान पर काराकाट थाने में एक प्राथमिकी दर्ज हुई. इसमें आरोप लगाया गया कि मोथा पेट्रोल पंप के पास उससे मोबाइल और 3500 छीन लिये गये. इस एफआइआर के आधार पर रामजी पांडेय को नामजद आरोपित बना दिया गया. थानाध्यक्ष भागीरथ कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपित के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं. वहीं, रामजी पांडेय के समर्थकों का सवाल है, जो व्यक्ति खुद थाना गया, वही लूटपाट करेगा?

थाने में मारपीट का आरोप, नेताओं का विरोध

घटना के बाद स्थानीय राजनीति भी गरमा गयी. भाजपा नेता बलिराम मिश्रा, आरएलएम के वीरेंद्र तिवारी, जदयू जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुशवाहा सहित कई नेताओं ने थानाध्यक्ष पर आरोपित के साथ मारपीट का आरोप लगाया. बलिराम मिश्रा ने बताया कि बिक्रमगंज एसडीपीओ को सूचित किये जाने के बाद नासरीगंज के पुलिस निरीक्षक कुणाल कृष्ण और सीओ रितेश कुमार को मामले की जांच के लिए भेजा गया. पूछताछ में रामजी पांडेय ने थाने में मारपीट की बात स्वीकार की, हालांकि थानाध्यक्ष ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” करार दिया.

रहस्यमयी गड्ढा-लोरीबांध में क्या दफन किया गया?

सोमवार सुबह लोरीबांध गांव के पास एक बड़ा गड्ढा चर्चा का विषय बन गया. ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब ढाई बजे जेसीबी, एक पिकअप और पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची थी. किसी को पास नहीं जाने दिया गया और कुछ जमीन में दफन कर दिया गया. स्थानीय लोगों का मानना है कि गोड़ारी में पकड़े गये पिकअप का माल यहां लाकर मिट्टी में दबा दिया गया. सवाल ये उठता है. अगर गाड़ी में कुछ अवैध नहीं था तो उसे छुपाने की जरूरत क्यों पड़ी?

प्रशासन पर छवि बचाने का आरोप

स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अपनी लापरवाही छुपाने के लिए रामजी पांडेय को बलि का बकरा बना रही है. भाजपा नेता बलिराम मिश्रा ने मामले की जानकारी एसपी और डीएम को दी है. प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है.

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Published by: Anurag sharan

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