Rohtas News : रमा रानी जैन बालिका प्लस टू स्कूल, डेहरी में मंगलवार को नारायण स्कूल ऑफ लॉ के तत्वावधान में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाने के साथ व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गयी.
असहज स्पर्श पर चुप नहीं रहने की दी सलाह
कार्यक्रम के दौरान विधि छात्राओं ने स्कूली छात्राओं को सरल तरीके से समझाया कि किसी भी ऐसे स्पर्श या व्यवहार से असहज महसूस होने पर चुप नहीं रहना चाहिए. ऐसी स्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए. छात्राओं को अपनी व्यक्तिगत सीमाओं और शरीर की सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए भी प्रेरित किया गया.
अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश
विधि छात्राओं ने कहा कि किसी भी तरह के अनुचित स्पर्श या व्यवहार का विरोध करना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर छात्राओं को उचित सहायता लेने की जानकारी भी दी गयी. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी अनुचित व्यवहार का सामना होने पर आत्मविश्वास के साथ आवाज उठाने के लिए सशक्त बनाना रहा.
कानूनी अधिकारों की जानकारी को बताया जरूरी
डॉ. सैयद कलीम अख्तर, विधिक साक्षरता क्लब, नारायण स्कूल ऑफ लॉ के समन्वयक के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में कहा गया कि बच्चों और छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा, संरक्षण और कानूनी अधिकारों से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देना जरूरी है. ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने में सहायक होते हैं.
शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाचार्या, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विधि छात्राएं और स्कूली छात्राएं मौजूद रहीं. सभी के सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ.
