पहले यातायात डीएसीपी को सस्पेंड करें : सभापति

सासाराम न्यूज : विधान परिषद में रोहतास में तैनात यातायात डीएसपी की सर्विस रिवाल्वर से हुई हत्या के मामले पर हंगामा

सासाराम न्यूज : विधान परिषद में रोहतास में तैनात यातायात डीएसपी की सर्विस रिवाल्वर से हुई हत्या के मामले पर हंगामा

पटना.

विधान परिषद में गुरुवार को महेश्वर सिंह के ध्यानाकर्षण के दौरान प्रभारी मंत्री सवालों में उलझ गये. श्री सिंह ने खुद के सवाल का पूरक पूछते हुए कहा कि रोहतास 27 दिसंबर 2024 को यातायात डीएसपी मो आदिल बिलाल ने खुद की सर्विस रिवाल्वर से छह राउंड गोलियां चलायीं और बर्थ डे पार्टी कर रहे राणा ओम प्रकाश उर्फ बादल की हत्या हो गयी. लेकिन, अब तक हत्या करने वाले का निलंबन नहीं हुआ और उसे पुरस्कार स्वरूप मुख्यालय में पदस्थापन कर दिया गया.

प्रभारी मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि हम मामले की व्यक्तिगत तौर पर समीक्षा करेंगे और कठोर से कठोर कार्रवाई करेंगे. जवाब से नाखुश सदस्य ने कहा कि डीएसपी ने पांच हजार रुपये भी मांगा था. मंत्री ने कहा कि आप लिखकर दीजिए, तो श्री सिंह ने कहा कि हम लिखकर क्या दें. हम सदन में कह ही रहे हैं. इस बीच राजद सदस्य सुनील सिंह और भाजपा निवेदिता सिंह ने भी कहा कि मामले की जांच से पहले डीएसपी का निलंबन होना चाहिए. यहां नियम सभी के लिए एक बराबर होना चाहिए. पुलिस वाले हत्या करेंगे, तो जांच होगी और आम आदमी गलती करेगा, तो उसे जेल. पहले निलंबन होना चाहिए. हंगामे के बाद भी मंत्री ने कहा कि हम मामले की जांच करेंगे. हंगामे को देख सभापति ने मंत्री से कहा कि डीएसपी को पहले सस्पेंड करें, फिर उसके बाद जांच करें. उन्होंने कहा कि कोई किसी को कहीं ऐसे ही गोली मार सकता है क्या. इसे प्रेस्टिज इश्यू बनाने की जरूरत नहीं है. यह सामाजिक इश्यू है. मामले की जांच वहां की स्थानीय थाना कर रही है, तो वह पक्षपात कर सकता है. गोली सर्विस रिवाल्वर से चली है. प्रथम दृष्टया में हत्या का मामला है. इसीलिए, पहले डीएसपी का सस्पेंशन होना चाहिए. वहीं, गुलाम गौस ने कहा कि नियम सबके लिए एक है. इस मामले में पहले निलंबन होना चाहिए था.

विधान पर्षद में गूंजा सासाराम का बादल हत्याकांड

सासाराम कार्यालय.

बिहार विधान पर्षद में बजट सत्र के दौरान गुरुवार को विधान पार्षद निवेदिता सिंह ने सासाराम के चर्चित बादल हत्याकांड का मामला उठाया. उन्होंने इस कांड के आरोपित ट्रैफिक डीएसपी आदिल बिलाल को सजा देने के बदले इनाम में पोस्टिंग के मामले का सदन में पुरजोर विरोध कर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया. श्रीमति सिंह ने बताया कि आज सदन में सासाराम के चर्चित बादल हत्याकांड का मामला उठाया गया. मैंने पुरजोर तरीके से आरोपित ट्रैफिक डीएसपी आदिल बिलाल को सजा देने के बदले इनाम स्वरूप पटना में पोस्टिंग करने के खिलाफ सदन में विरोध किया. उन्होंने बताया कि मैंने सदन से हत्यारे डीएसपी को तत्काल रूप से निलंबित कर उस पर मुकदमा चलाने के साथ निष्पक्ष जांच कर उसको फांसी की सजा दिलाने की मांग की है. साथ ही पीड़ित परिवार को कुछ आर्थिक सहायता के साथ न्याय दिलाने की मांग की है.

सीआइडी कर रही बादल हत्याकांड की जांचगत वर्ष 2024 के 27 दिसंबर की रात सासाराम के वार्ड 16 स्थित हरीजी के हाता में बर्थडे पार्टी मना रहे युवकों और ट्रैफिक डीएसपी आदिल बिलाल के बीच झड़प हुई थी. इस कांड में शिवसागर प्रखंड के सिलारी गांव निवासी युवक राणा ओमप्रकाश सिंह उर्फ बादल की गोली लगने से मौत हो गयी थी. इस कांड में दो युवक व ट्रैफिक डीएसपी के बॉडीगार्ड जख्मी हुए थे. इस कांड का कई सामाजिक संगठनों व नेताओं ने विरोध जताया था. इस बीच कांड के आरोपित ट्रैफिक डीएसपी आदिल बिलाल और उनके बॉडीगार्ड सिपाही 717 चंद्रमौली नागिया को तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय बिहार पटना में योगदान के लिए आदेशित किया गया था. फिर, सरकार ने इस कांड की जांच सीआइडी (अपराध अनुसंधान विभाग) को सौंप दी थी. तब से मामले में क्या हुआ, इसकी जानकारी बहुत कम ही लोगों को मिल रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Gauri shankar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >