आखिर रुकने लगी आरा-रांची एक्सप्रेस, स्टेशन पर दिखा जश्न

Sasaram news. कई वर्षों की मांग और लगातार आंदोलनों के बाद आखिर आरा-रांची एक्सप्रेस का ठहराव बिक्रमगंज स्टेशन पर शुरू हो गया.

पूर्व विधायक ने दिखायी हरी झंडी, अब ठहराव बना राजनीति का केंद्रफोटो -9- बिक्रमगंज स्टेशन पर आरा-रांची एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाते पूर्व विधायक राजेश्वर राज.

प्रतिनिधि, बिक्रमगंज

कई वर्षों की मांग और लगातार आंदोलनों के बाद आखिर आरा-रांची एक्सप्रेस का ठहराव बिक्रमगंज स्टेशन पर शुरू हो गया. शुक्रवार की सुबह स्टेशन परिसर में जब ट्रेन ने पहली बार सुबह 05:28 बजे प्लेटफाॅर्म संख्या एक पर प्रवेश किया, तो स्टेशन पर मौजूद सैकड़ों यात्रियों और स्थानीय लोगों की खुशी देखते ही बनती थी. पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को 05:30 पर रवाना किया. इसके बाद आरा से लौटती हुई यह ट्रेन सुबह 10:24 पर बिक्रमगंज स्टेशन पर रुकी और 10:26 पर रवाना हुई. तब स्टेशन पर उपस्थित रेल यात्री संघ के अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह के साथ मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिला बधाई दी. कृष्ण सिंह ने कहा कि यह आंदोलन की जीत है. यह ट्रेन अब सप्ताह में तीन दिन रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को रांची से आरा और सोमवार, गुरुवार और शनिवार को आरा से रांची जाने के क्रम में बिक्रमगंज स्टेशन पर ठहरेगी. यह ठहराव उन सैकड़ों यात्रियों के लिए बड़ी राहत है, जो अब तक रांची जाने के लिए अधिक किराया खर्च कर अन्य स्टेशनों से यात्रा करते थे.

इसी दिन पटना-भभुआ इंटरसिटी का भी संझौली हॉल्ट पर ठहराव हुआ, जिसे भी पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस तरह बिक्रमगंज और आसपास के लोगों को रेलवे से जुड़ी दो महत्वपूर्ण सौगातें एक साथ मिलीं. ट्रेन का यह ठहराव जहां यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगा, वहीं आने वाले चुनावों में यह मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए वोट खींचने का साधन बन सकता है. अब देखना यह है कि जनता सुविधाओं के साथ-साथ इसके पीछे की राजनीति को किस नजरिए से देखती है.

अब इस ट्रेन के ठहराव पर राजनीतिक खींचतान शुरू

जहां एक ओर आम लोगों में इस फैसले को लेकर खुशी की लहर है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गयी है. आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा माना जा रहा है. बिक्रमगंज नगर के पूर्व सभापति गुप्तेश्वर प्रसाद गुप्ता का मानना है कि इस उपलब्धि का श्रेय उसे मिलना चाहिए, जिसने इसके लिए लगातार प्रयास किया. उनका कहना है कि रेलमंत्री के पत्र को सोशल मीडिया पर डाला गया और जनआंदोलन की भावना को आवाज दी गयी. अब इसका कोई राजनीतिक लाभ कैसे नहीं लेगा. वहीं, भाकपा माले नेता नागेंद्र सिंह ने ट्रेन ठहराव को इसे भाजपा की ‘क्रेडिट पॉलिटिक्स’ बताया. उन्होंने कहा कि काराकाट से भाकपा माले के सांसद राजाराम सिंह ने रेल मंत्री से मिलकर ठहराव की मांग की थी, लेकिन जब इसका श्रेय देने की बात आई तो भाजपा से जुड़े एक पूर्व विधायक को आगे कर दिया गया. इधर, रालोमो नेता हरिचरण कुशवाहा ने कहा कि राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने इस मुद्दे को न केवल रेलमंत्री के समक्ष रखा, बल्कि सदन में भी उठाया. परंतु जब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान एक पत्र वायरल हुआ, तो पूर्व विधायक को इसका श्रेय दे दिया गया. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता के हित में लिया गया कोई भी फैसला सराहनीय है, भले ही श्रेय किसे मिले.

भाजपा नेताओं ने रेल मंत्री को दिया धन्यवाद

बिक्रमगंज रेलवे स्टेशन पर आरा-रांची एक्सप्रेस और संझौली हॉल्ट पर पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर दौड़ गयी. इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए भाजपा नेताओं ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को धन्यवाद देते हुए इसे केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी सोच का परिणाम बताया. भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री डॉ. मनीष रंजन ने कहा कि वर्षों से चल रही क्षेत्र की जनता की मांग को आखिरकार सुनवाई मिली है. वहीं, बलिराम मिश्रा ने इसके लिए रेल मंत्री के प्रति आभार जताया. वहीं, पूर्व जिलाध्यक्ष मदन प्रसाद वैश्य, नगर अध्यक्ष नागेश्वर कुशवाहा, मंगल कुमार, सुनील सिंह, नवीन चंद्र साह, वरुण सिंह, मनमोहन तिवारी, सुदर्शन गुप्ता और संजय गुप्ता ने भी रेल मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया.

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Published by: Anurag sharan

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