Rohtas Paddy Crop: कोचस प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में शनिवार की देर शाम से रुक-रुक कर हुई बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है. पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल सूखने लगी थी और किसान मोटर पंप व पंपसेट के सहारे खेतों की सिंचाई करने को मजबूर थे. ऐसे में हुई बारिश ने फसलों को नई ऊर्जा देने का काम किया है.
एक सप्ताह से सूख रही थी धान की फसल
धान की रोपाई के बाद लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी हो गई थी. तेज धूप और उमस के कारण धान के साथ-साथ मक्का की फसल भी मुरझाने लगी थी. फसल को बचाने के लिए किसान दिन-रात पटवन में जुटे थे, जिससे उनकी लागत और मेहनत दोनों बढ़ गई थी.
बारिश से खेतों में लौटी नमी
शनिवार की देर शाम मौसम का मिजाज बदला और हल्की झमाझम बारिश हुई. इससे खेतों में दोबारा नमी लौट आई और किसानों ने राहत की सांस ली. किसानों का कहना है कि इस बारिश से धान की फसल को काफी फायदा मिलेगा.
अच्छी बारिश से बढ़ेगी पैदावार
किसान कमलाकांत पाण्डेय, पप्पू चौधरी, अरविंद सिंह, कामेश्वर यादव, मनोज तिवारी, धनोज पासवान, मिथलेश यादव और अरुण पाण्डेय ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में नियमित अंतराल पर अच्छी बारिश होती रही तो धान की फसल बेहतर होगी और उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
अभी और बारिश की जरूरत
किसानों का कहना है कि केवल एक बारिश से पूरी समस्या का समाधान नहीं हुआ है. खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार के लिए आने वाले दिनों में भी समय-समय पर पर्याप्त वर्षा की आवश्यकता है. फिलहाल इस बारिश ने धान की फसलों में नई जान फूंक दी है और किसानों की उम्मीदें फिर से हरी-भरी हो गई हैं.
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