Sasaram News : लाठी-डंडे से पीट-पीटकर किसान की हत्या

नीय प्रखंड क्षेत्र के अमझोर थाना अंतर्गत रामडीहरा स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह एक व्यक्ति की लाठी-डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी.

तिलौथू . स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के अमझोर थाना अंतर्गत रामडीहरा स्टेशन पर शुक्रवार की पहले सुबह एक व्यक्ति की लाठी-डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी. घटना के संबंध में मृतक के बड़े भाई उमेश महतो ने बताया कि मेरा छोटा भाई वीरेंद्र सिंह 45 वर्ष सुबह में घर से बाहर निकला ही था कि मेरे गोतिया परिवार के अर्जुन सिंह 58 वर्ष व उसका बेटा आलोक महतो 26 वर्ष ने, ये दोनों पिता पुत्र मिलकर मेरे भाई वीरेंद्र की लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि गोतिया परिवार से पूर्व से कुछ जमीन का विवाद चल रहा है तथा बोरिंग की पानी पटवन के लिए नहीं देने का खुन्नस भी इन लोगों को पहले से था. पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर मेरे भाई पर इन लोगों ने लाठी डंडे से जानलेवा हमला कर हत्या की है. इस संबंध में थानाध्यक्ष श्याम कुमार ने बताया कि अहले सुबह सूचना मिली कि एक व्यक्ति की लाठी डंडे से पीट कर हत्या कर दी गयी है. घटना की सूचना के पांच मिनट के अंदर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से पुलिस ने रामडिहरा स्टेशन निवासी अर्जुन सिंह व उनका बेटा आलोक महतो को मौके पर से गिरफ्तार कर लिया है. थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. थानाध्यक्ष ने बताया कि पौधा उखाड़ने को लेकर मारपीट का मामला बताया जा रहा है, जिसमें वीरेंद्र सिंह की मौत हो गयी. शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. छोटे-छोटे बच्चों का अब कौन होगा पालनहार मृतक वीरेंद्र सिंह के तीन बच्चे हैं, जिन में दो बेटियां और एक बेटा है. बड़ी बेटी श्वेता कुमारी की उम्र 17 वर्ष है, जबकि बेटा गौतम कुमार का उम्र 15 वर्ष है. सबसे छोटी बेटी सुजाता कुमारी 14 वर्ष की है. यह दो-तीन वर्ष पूर्व तिलौथू में एक अर्चना वस्त्रालय नामक रेडिमेड की दुकान खोलकर दुकान चलाते थे, लेकिन फिर बाद में वह दुकान बंद हो गयी. फिलहाल, वीरेंद्र सिंह घर पर रहकर ही खेती किसानी का काम करते थे तथा खेती किसानी कर ही अपने तीन बच्चों और पत्नी का भरण पोषण करते थे. परिवार में यही कमाने वाले थे, बाकी के सभी बच्चे पढ़ लिख रहे हैं. अब सवाल यह उठता है कि वीरेंद्र सिंह के चले जाने के बाद पत्नी, दो बेटी और एक बेटे का आखिर भरण पोषण कौन करेगा. अब कोई इस परिवार में कमाने वाला नहीं है. पत्नी रीना देवी का रो रोकर बुरा हाल हो गया है कि अब हमारा और हमारे बच्चों का जीवन कैसे कटेगा. हमारी बेटियों की शादी कैसे होगी. वहीं, अगल-बगल व गांव की महिलाएं रीना देवी को सांत्वना दे रही है व वीरेंद्र की दोनों बेटियां भी बेशुद पड़ी हुई है. बेटा गौतम भी होश हवास खो दिया है. अमझोर थाना क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर दो व्यक्तियों की नृशंस हत्या अपराधियों के मनोबल को दर्शा रहा है.

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