Rohtas News : उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, महुआरी में बुधवार को महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह मुक्त भारत अभियान सह सखी वार्ता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करना और बालिकाओं की शिक्षा व सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा.
18 वर्ष से कम उम्र में शादी गैरकानूनी
जिला परियोजना प्रबंधक मो. शमीम अंसारी ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह करना दंडनीय अपराध है. उन्होंने स्थानीय लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना गैरकानूनी है. बाल विवाह को रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है.
शिक्षा से ही मजबूत होगा बेटियों का भविष्य
कार्यक्रम के दौरान 'शिक्षित बेटी-सशक्त बेटी, समृद्ध परिवार-सशक्त समाज' के नारे को बुलंद किया गया. अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की शिक्षा उनके बेहतर भविष्य की नींव है. बालिकाओं को शिक्षा का अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सकता है.
बाल विवाह रोकने में समाज की भूमिका अहम
शिविर के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया. विभागीय अधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं. साथ ही बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को बेहतर बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया गया.
