Rohtas News : पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर रोहतास जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारी, शिक्षक और पदाधिकारी एक सितंबर को ब्लैक डे मनाएंगे. पुरानी पेंशन के लिए राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) बिहार के निर्णय के अनुसार नई पेंशन योजना से आच्छादित कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर काला बिल्ला या काला फीता लगाकर शांतिपूर्वक कार्य करेंगे. इस दौरान पुरानी पेंशन योजना लागू करने के समर्थन और नई पेंशन योजना के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा.
स्कूल-कॉलेज से लेकर विभिन्न विभागों में दिखेगा विरोध
एनएमओपीएस रोहतास के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न विभागों के कार्यालयों के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में भी कर्मचारी, शिक्षक एवं पदाधिकारी ब्लैक डे कार्यक्रम में शामिल होंगे. कर्मचारियों द्वारा कार्य प्रभावित किए बिना काला बिल्ला या काला फीता लगाकर अपनी मांग के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की जाएगी.
पुरानी पेंशन को बताया बुढ़ापे का सहारा
जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पदाधिकारियों के बुढ़ापे का सहारा है. उनके अनुसार नई पेंशन योजना शेयर बाजार पर आधारित होने के कारण इसमें जोखिम बना रहता है. उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के हित में उचित नहीं है और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जरूरी है.
लंबे समय से उठाई जा रही बहाली की मांग
उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर एनएमओपीएस की ओर से लगातार मांग उठाई जा रही है. इसी क्रम में एक सितंबर को शांतिपूर्ण तरीके से कार्य करते हुए कर्मचारी काला बिल्ला या काला फीता लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे. संगठन का उद्देश्य सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को मजबूती से सरकार के सामने रखना है.
पुलिस संगठनों से भी शामिल होने की अपील
एनएमओपीएस जिलाध्यक्ष ने जिले के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं पदाधिकारियों के साथ पुलिस संगठनों से भी ब्लैक डे में शामिल होने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक संख्या में कर्मचारी इस सांकेतिक विरोध में शामिल होकर पुरानी पेंशन की मांग के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें. उन्होंने सभी से शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की.
