Rohtas News : डेहरी नगर और आसपास के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो महीने से बिजली मीटर की रीडिंग समय पर नहीं होने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है. लोगों को डर है कि यदि एक साथ कई महीनों का बिजली बिल आया तो उसका भुगतान करना मुश्किल हो जाएगा. हालांकि बिजली विभाग का कहना है कि नया सॉफ्टवेयर लागू होने के बाद अब रीडिंग का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है.
sasaram News : सॉफ्टवेयर बदलने से रुका रीडिंग का काम
बिजली कंपनी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग संचालित हो रहे सॉफ्टवेयर को मर्ज कर नया आरएमएस (RMS) सॉफ्टवेयर लागू किया है. इसी प्रक्रिया के कारण जून से मीटर रीडिंग का कार्य प्रभावित रहा. डिजिटल मीटर वाले उपभोक्ताओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर अपेक्षाकृत कम रहा.
एकमुश्त बिल आने का सता रहा डर
विद्युत डिविजन क्षेत्र में करीब 2.18 लाख बिजली उपभोक्ता हैं. समय पर रीडिंग नहीं होने से उपभोक्ताओं को आशंका है कि कई महीनों का बिल एक साथ जारी हो सकता है. ऐसे में एकमुश्त बड़ी राशि का भुगतान करना अधिकांश परिवारों के लिए मुश्किल होगा.
पहले अलग-अलग सॉफ्टवेयर पर होता था काम
बिजली विभाग के अनुसार, पहले ग्रामीण क्षेत्रों में एनआईसी (NIC) और शहरी क्षेत्रों में एसएपी (SAP) सॉफ्टवेयर के माध्यम से रीडिंग और अन्य कार्य किए जाते थे. अब दोनों सिस्टम को मिलाकर आरएमएस सॉफ्टवेयर लागू किया गया है. विभाग का दावा है कि इससे भविष्य में कार्य अधिक पारदर्शी और सुगम होगा.
उपभोक्ताओं ने जताई चिंता
उपभोक्ता नीतेश कुमार ने कहा कि दो महीने होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक मीटर रीडिंग नहीं हो सकी है. वहीं राजेश चौधरी का कहना है कि यदि कई महीनों का बिल एक साथ आया तो उसका भुगतान करना मुश्किल हो जाएगा.
क्या बोले कार्यपालक अभियंता
विद्युत डिविजन डेहरी के कार्यपालक विद्युत अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि नया सॉफ्टवेयर लागू करने का कार्य पूरा हो चुका है. अब नए सिस्टम और ऐप के माध्यम से मीटर रीडिंग सहित अन्य कार्य नियमित रूप से किए जा रहे हैं.
