जनगणना ड्यूटी के साथ शिक्षकों को करना होगा अध्यापन कार्य
शिक्षकों को मिलेगा दोहरा दायित्व, शिक्षा विभाग ने जारी किया स्पष्ट निर्देश31 मई तक शिक्षकों को प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों से रखा जायेगा मुक्त
प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस.
भारत की जनगणना-2027 के तहत प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को अब जनगणना ड्यूटी के साथ स्कूल में नियमित अध्यापन कार्य भी करना होगा. इसको लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र ने बुधवार को पत्र जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि प्रगणक व पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत शिक्षक विद्यालय अवधि में नियमित रूप से अध्यापन कार्य करेंगे. इसके साथ ही वे विद्यालय समय से पहले अथवा विद्यालय अवधि समाप्त होने के बाद जनगणना से संबंधित क्षेत्र कार्य पूरा करेंगे. विभाग ने कहा है कि जनगणना का क्षेत्र कार्य शिक्षकों की नियमित ड्यूटी के अतिरिक्त किया जाना है. पत्र में प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की ओर से जारी केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जनगणना का क्षेत्र कार्य सामान्यतः सरकारी शिक्षक ही करेंगे और यह उनकी नियमित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त होगा. पत्र में जिलाधिकारी व जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि जनगणना कार्य के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि 31 मई 2026 तक शिक्षकों को किसी भी प्रकार के अनिवार्य प्रशिक्षण संबंधी दायित्व से मुक्त रखा जाये.
जिलों को दिये गये एकरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
वहीं, जारी पत्र में बताया गया है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने को लेकर जिलों में अलग-अलग प्रकार के निर्देश दिये जा रहे थे, जिससे शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. निदेशक, जनगणना कार्य-सह-मुख्य प्रधान जनगणना पदाधिकारी की ओर से भी इस मामले में शिक्षा विभाग से स्पष्ट एवं एकरूप दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया था. शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद अब जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की ड्यूटी एवं उपस्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गयी है.
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