Rohtas News : बिहार दस्तावेज नवीस संघ की बिक्रमगंज इकाई के सदस्यों ने सरकार की ओर से लागू की जा रही पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. दस्तावेज लेखकों के काम ठप करने से जमीन की खरीद-बिक्री और दस्तावेज निबंधन से जुड़े कार्यों पर व्यापक असर पड़ा है. निबंधन कार्यालय में काम कराने पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पेपरलेस व्यवस्था में व्यावहारिक खामियों का आरोप
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि सरकार की ओर से लागू की जा रही पेपरलेस निबंधन प्रणाली में कई व्यावहारिक खामियां हैं. उनका आरोप है कि नई व्यवस्था में दस्तावेज के पक्षकारों के अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर दर्ज करने की व्यवस्था नहीं होगी. इसी तरह गवाहों के हस्ताक्षर और निशान को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान नहीं है.
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि भविष्य में दस्तावेजों की प्रमाणिकता को लेकर सवाल उठने या किसी तरह का विवाद उत्पन्न होने पर इन प्रावधानों के कारण परेशानी हो सकती है. इसलिए व्यवस्था लागू करने से पहले इन पहलुओं को स्पष्ट किया जाना जरूरी है.
नियमावली में अधिकार, लेकिन ID नहीं मिलने पर नाराजगी
संघ के सदस्यों ने निबंधन नियमावली 2026 में दस्तावेज लेखकों को दिए गए अधिकारों को लेकर भी नाराजगी जतायी है. उनका कहना है कि नियमावली में डिजिटल हस्ताक्षर, सेवा प्रदाता का लाइसेंस समेत कई अधिकारों का उल्लेख किया गया है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक दस्तावेज लेखकों को आईडी उपलब्ध नहीं करायी गयी है.
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि आईडी नहीं मिलने के कारण उन्हें अपने काम को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. संघ ने सरकार से नियमावली में दिए गए अधिकारों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
बिहार दस्तावेज नवीस संघ की बिक्रमगंज इकाई ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों और आपत्तियों पर सकारात्मक पहल नहीं करती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. हड़ताल के कारण निबंधन कार्यालय में आने वाले जमीन खरीदारों और विक्रेताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
हड़ताल में शंभू प्रसाद सिन्हा, रमाकांत भारती, भोला खां, शिव शंकर सिंह, अखिलेश लाल, मुद्रिका सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह सहित सभी दस्तावेज लेखक शामिल हैं.
